पंजाब यूनिवर्सिटी की 22 फरवरी को होने वाली सिंडीकेट बैठक में 14 विद्यार्थियों के भविष्य का फैसला होगा। पीयू की ओर से 2013 की विभिन्न परीक्षाओं में इन विद्यार्थियों को नकल करते पकड़ा था।
नकल का केस साबित होने पर पीयू नियमों के तहत विद्यार्थी को पांच साल के लिए कोई भी परीक्षा देने का अनुमति नहीं होती।
इस संबंध में पीयू के एग्जामिनेशन ब्रांच और सभी कॉलेजों को भी ऐसे विद्यार्थियों को दाखिला नहीं देने संबंधी आदेश जारी कर दिए जाते हैं।