पंजाब यूनिवर्सिटी (पीयू) के भविष्य को सुरक्षित करने के लिए सीनेट के कई एक हो गए हैं और उन्होंने मिलकर नए नया गठबंधन बना लिया है।
इस नए गठबंधन के गठन से पिछले साल सीनेट चुनाव के बाद बहुमत में आए गोयल गुट के अकेले पड़ जाने की उम्मीद है।
सोमवार को होने वाले सिंडीकेट चुनाव में इस गठबंधन और गोयल बीच के बीच सीधी टक्कर होगी। उम्मीद है कि सिंडीकेट में कई नए चेहरे आएंगे।
सिंडीकेट और वीसी के बीच कुछ महीनों से चल रहे टकराव के कारण पीयू की कार्यप्रणाली काफी प्रभावित हुई है। सीनेट सदस्यों का मानना है कि पीयू का जरूरी कामकाज आगे इसी तरह से खराब न हो इसलिए यह गठबंधन जरूरी था।
इस गठबंधन में चतरथ गुट और डीएवी मैनेजमेंट गुट के अलावा भाजपा से संबंधित गुट और शिक्षाविद शामिल हैं। इस गठबंधन की शनिवार को सेक्टर-10 स्थित डीएवी कॉलेज में बैठक हुई।
गठबंधन ने फिलहाल सिंडीकेट चुनाव में खड़े होने वाले उम्मीदवारों के नाम गोपनीय रखे हैं। गठबंधन ने रोटेशन का फार्मूला अपनाने का फैसला लिया है।
इसके तहत सीनेट के सभी सदस्यों को सिंडीकेट में आने का मौका मिलेगा। इस गठबंधन के बनने के बाद वरिष्ठ सीनेट सदस्य गोपाल कृष्ण चतरथ की सिंडीकेट में वापसी तय है।
पिछले साल सिंडीकेट चुनाव में चतरथ हार गए थे। पिछले साल गोयल गुट ने डीएवी मैनेजमेंट गुट और भाजपा समर्थित गुट के साथ मिल कर सिंडीकेट चुनाव लड़ा था। गठबंधन ने सभी 15 सीटें जीतीं थीं।
सिंडीकेट ने एक साल में कई ऐसे फैसले ले लिए जिसे डीएवी गुट और भाजपा से जुड़े गुट के सदस्यों ने पसंद नहीं किया।
सिंडीकेट के इन फैसलों की वजह से पीयू में एक साल में कामकाज काफी प्रभावित हुआ। यही वजह है कि पिछले साल गोयल गुट का साथ देने वाले डीएवी और भाजपा गुट ने इस साल नए गठबंधन में खुद को शामिल किया है।