जवाहर लाल नेहरू विश्वविद्यालय में सुब्रह्मण्यम स्वामी की कुलपति के रूप में नियुक्ति की तैयारी के विरोध में बृहस्पतिवार को छात्रों ने यूजीसी के बाहर विरोध प्रदर्शन किया।
जेएनयू छात्रसंघ व आइसा की ओर से आयोजित प्रदर्शन में हॉस्टल के लिए तय किए गए नए दिशा-निर्देशों पर भी विरोध दर्ज किया गया। प्रदर्शनकारियों ने मोदी सरकार की उच्च शिक्षा नीति के विरोध में जमकर नारे लगाए।
आईटीओ स्थित मुख्यालय के बाहर विरोध प्रदर्शन की अगुवाई आइसा की पदाधिकारी सुचेता ने की। सुचेता के मुताबिक, मोदी सरकार विश्वविद्यालयों और छात्रों को भगवा रंग में रंगना चाहती है।
एक ओर स्वामी का नाम कुलपति के रूप में नाम प्रस्तावित कर रही है तो दूसरी ओर छात्रों की आजादी को हॉस्टल की नए निर्देशों ने खत्म कर दिया है।
आइसा ने चेताया है कि अगर सुब्रह्मण्यम स्वामी को कुलपति बनाया गया तो मोदी सरकार को एफटीआईआई की तर्ज पर देशभर में विरोध झेलना पड़ेगा। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि विश्वविद्यालयों में आरएसएस की मनमर्जी नहीं चलने देंगे। जेएनयू आजादी की बात करता है और स्वामी की नीतियां जन विरोधी हैं। प्रदर्शनकारियों ने मोदी सरकार, स्मृति ईरानी समेत यूजीसी अधिकारियों के खिलाफ नारेबाजी की।