एलयू में इस बार छपाई में हुई देरी के कारण कॉलेज स्टूडेंट्स को परीक्षा कक्ष में प्रवेश पत्र उपलब्ध कराए जा रहे हैं।
सोमवार को एमए हिंदी की परीक्षा में एलयू परीक्षा केंद्र पर मुमताज पीजी कॉलेज सहित कई कॉलेजों के शिक्षक अपने-अपने कॉलेज के स्टूडेंट्स को प्रवेश पत्र बांट रहे थे।
परीक्षा से पहले स्टूडेंट व उनके अभिभावक लाइन लगाकर प्रवेश पत्र ले रहे थे। परीक्षा शुरू होने से तीन दिन पहले तक फीस जमा कराई गई। ऐसे में डीटीपी सेक्शन में स्टूडेंट्स का डाटा पहुंचने में देरी हुई।
इसका खामियाजा सभी स्टूडेंट्स को भुगतना पड़ा। विश्वविद्यालय प्रशासन ने आठ नवंबर बिना विलंब शुल्क के परीक्षा शुल्क जमा करने की तारीख निर्धारित की और 300 रुपए विलंब शुल्क के साथ यह 12 नवंबर रखी गई।
इसके बाद बीच-बीच में प्रवेश शुल्क जमा करने की तारीख विलंब शुल्क के साथ तीन बार बढ़ाई गई। सबसे अधिक दिक्कत तब हुई जब 27 नवंबर को रजिस्ट्रार की ओर से कॉलेजों की फीस जमा करने की तारीख 30 नवंबर तक बढ़ाई गई।
इसे लेकर परीक्षा विभाग में मतभेद हो गया और परीक्षा शुल्क नहीं जमा हुआ। बाद में परीक्षा विभाग को तीन दिसंबर तक शुल्क जमा करवाना पड़ा। ऐसे में स्टूडेंट्स का जो डाटा डीटीपी सेक्शन में था वह गड़बड़ा गया।
परीक्षा विभाग से फाइनल डाटा मिलने के बाद सभी स्टूडेंट्स के रोल नंबर निर्धारित किए गए। फिर वेरीफिकेशन में भी समय लग गया। ऐसे में प्रवेश पत्र छापने में देरी हो गई।
अभी भी स्थिति में बहुत सुधार नहीं हो पाया है। 15 दिसंबर से लॉ की सेमेस्टर परीक्षाएं शुरू होंगी और अब तक इसके स्टूडेंट्स का डाटा फाइनल नहीं हो पाया है।
डीटीपी सेक्शन के अधिकारियों का कहना है कि वह मंगलवार को स्टूडेंट्स की सूची बनाएंगे इसके बाद उसे परीक्षा विभाग में वेरिफिकेशन केलिए भेजेंगे। जाहिर है कि इसमें समय लगेगा।
यानि लॉ की सेमेस्टर परीक्षाओं में बैठने वाले स्टूडेंट को भी परीक्षा के एक दिन पहले या फिर उसी दिन प्रवेश पत्र मिल पाएगा।