एससी एसटी वर्ग के छात्रों के परीक्षा फॉर्म जमा कराने की मांग को आमरण अनशनरत डीएवी के छात्र नेताओं की कोशिश आखिर रंग लाई।
परीक्षा कार्यक्रम पूर्ववत ही रहेगा
विवि प्रशासन के साथ रविवार को वार्ता के बाद छात्र नेताओं ने आमरण अनशन समाप्त कर दिया। वंचित छात्रों की मुख्य परीक्षा बैक परीक्षा के साथ कराई जाएगी, बाकी छात्रों का परीक्षा कार्यक्रम पूर्ववत ही रहेगा।
पढ़ें, 'भगत सिंह कोश्यारी पर भारी पड़ेंगे एनडी तिवारी'
रविवार करीब 11 बजे आमरण अनशन पर बैठे डीएवी के छात्रों और गढ़वाल विवि के अधिकारियों के बीच कुलसचिव कार्यालय में एक घंटे तक वार्ता हुई।
वार्ता के दौरान कुलसचिव प्रो. पीएस राणा ने कहा कि किसी भी हालत में विवि के परीक्षा कार्यक्रम में बदलाव नहीं किया जा सकता। परीक्षाएं नियत तिथि से ही शुरू की जाएंगी।
प्रो. राणा ने कहा कि परीक्षा आवेदन पत्र जमा करने से वंचित छात्रों कोनिश्चित समय दिया जाएगा। इस समयावधि के दौरान गढ़वाल विवि से संबद्ध सभी महाविद्यालयों के छात्र अपने परीक्षा फॉर्म जमा कर सकते हैं।
छात्रों ने अपनी सहमति जताई
इन छात्रों की परीक्षाएं विवि की बैक परीक्षाओं के साथ संपन्न कराई जाएंगी लेकिन अंक तालिकाओं में बैक पेपर नहीं लिखा जाएगा, जिस पर छात्रों ने अपनी सहमति जताई है।
पढ़ें, हिमालय में है औषधीय पौधों की भरमार
कुलसचिव से मिले लिखित आश्वासन पर अनशन पर बैठे डीएवी के छात्रसंघ अध्यक्ष सिद्धार्थ राणा, महासचिव जोगेंद्र सिंह, नितिन जोशी, सतीश मोहन, अभिषेक भंडारी, विनीत भट्ट, कमलेश भट्ट, जितेंद्र कुमार, अंशुल चावला, आशीष रावत, पंकज बडवाल, देवेंद्र ने अपना अनशन समाप्त कर दिया।
कुलसचिव प्रो. पीएसराणा ने जूस पिलाकर अनशन तुड़वाया। वार्ता के दौरान एसडीएम रजा अब्बास, कोतवाल उत्तम सिंह, चीफ प्राक्टर प्रो. डीपी सकलानी, डीएसडब्ल्यू प्रो. एससी भट्ट आदि मौजूद थे।
अब फीस या प्रमाण पत्र जमा कराओ
एससी एसटी के छात्रों को परीक्षा में बैठने की अनुमति मिलने के बाद मामले पर डीएवी के प्राचार्य डॉ. देवेंद्र भसीन ने कहा कि अब इन छात्रों को या तो अपना तहसीलदार द्वारा निर्गत आय प्रमाण पत्र जमा करना होगा या फिर अपने दाखिले की पूरी फीस जमा कर सामान्य श्रेणी में कंवर्ट कराना होगा।
पढ़ें, ...तो क्या पीडीएफ लगाएगी कांग्रेस की नैया पार
इसके लिए एक तिथि तय कर दी जाएगी। गौरतलब है कि दो बार मौका दिए जाने के बावजूद डीएवी कॉलेज के करीब 500 एससी एसटी छात्रों ने तहसीलदार द्वारा निर्गत आय प्रमाण पत्र जमा नहीं किए थे, जिसके बाद कालेज प्रशासन ने इन छात्रों के परीक्षा फार्म विवि को नहीं भेजे थे।
जो सब्जेक्ट हैं नहीं, उनका मिला प्रवेशपत्र
गढ़वाल विश्वविद्यालय की ओर से भेजे गए डीएवी कॉलेज के छात्रों के एडमिट कार्ड परेशानी का सबब बन गए हैं। दरअसल, कई छात्रों के प्रवेशपत्रों पर विवि ने वे विषय लिख दिए हैं, जो कॉलेज में पढ़ाए ही नहीं जाते।
कॉलेज प्रशासन ने छात्रों को असल पेपर की तय तारीख पर आई कार्ड साथ लाने की हिदायत दी है। छात्रों के हंगामे के चलते शनिवार को प्रवेशपत्र न बंटने पर कॉलेज प्रशासन ने छात्रों को गढ़वाल विवि की वेबसाइट से प्रवेशपत्र डाउनलोड करने के लिए कहा था।
पढ़ें, मंडप में दुल्हन ने किया सुहाग का कत्ल!
रविवार को कॉलेज में प्रवेशपत्र बंटने शुरू हो गए। इस दौरान एक छात्र कॉलेज पहुंचा। उसने शिक्षकों को बताया कि उसका विषय इतिहास है, लेकिन एडमिट कार्ड में इतिहास की जगह एंथ्रोपोलॉजी विषय दर्ज है।
जबकि यह विषय कॉलेज में है ही नहीं। इसी तरह कई छात्र बीएससी के विषयों की जगह बीए और बीए के विषयों की जगह बीएससी के विषय प्रवेशपत्र में दर्ज होने की शिकायत लेकर पहुंचे।
कॉलेज प्राचार्य डॉ. देवेंद्र भसीन ने बताया कि कई छात्रों ने शिकायत दर्ज कराई है। बताया कि जिन छात्रों के प्रवेशपत्र में ऐसी गड़बड़ है, वे अपने विषयों की ही तैयारी करें।
संबंधित विषयों की परीक्षा के दिन वे कॉलेज से जारी आई कार्ड साथ लाएं। आई कार्ड पर दर्ज विषयों के आधार पर पेपर की अनुमति दी जाएगी।
प्रवेशपत्र के लिए उमड़े छात्र
गढ़वाल विवि की 25 मार्च से शुरू होने जा रही परीक्षाओं के लिए रविवार को छुट्टी के बावजूद कालेज खुले। डीएवी और एसजीआरआर में छात्र प्रवेशपत्र लेने उमड़ पड़े।
पढ़ें, एक पत्थर उछाला और आसमान में कर दिया 'सुराख'
डीएवी कॉलेज में छात्रों के आंदोलन और प्रवेशपत्र न बंटने देने की चेतावनी के चलते रविवार को भारी पुलिस फोर्स की मौजूदगी में प्रवेशपत्र आवंटन शुरू हुआ। सुबह नौ बजे से ही छात्रों की भीड़ लगनी शुरू हो गई थी।
दोपहर तक दूरदराज से आए हजारों छात्रों ने प्रवेशपत्र प्राप्त किए। कई ऐसे छात्र भी कॉलेज में पहुंचे, जिन्होंने एडमिट कार्ड विवि की वेबसाइट से डाउनलोड कर लिए थे।