पंजाब यूनिवर्सिटी छात्र काउंसिल चुनाव को लेकर पंजाब यूनिवर्सिटी (पीयू) कैंपस और शहर के एफिलिएटेड कालेजों में माहौल बना हुआ है।
सभी छात्र संगठनों ने सितंबर के पहले हफ्ते में चुनाव तिथि को ध्यान में रखकर तैयारी शुरू कर दी है। वहीं छात्र नेताओं को पीयू प्रशासन जोर का झटका दे सकता है। इस बार चुनाव एक अक्तूबर को हो सकते हैं। इससे छात्र संगठनों का चुनावी बजट बढ़ जाएगा। हर साल पीयू के बड़े छात्र संगठन चुनाव पर 4 से 5 लाख खर्च करते हैं।
चुनाव जल्द कराने को एकजुट होंगे सभी छात्र नेता...
आगामी दिनों में कई छात्र संगठन मिलकर चुनाव देर से होने के खिलाफ आवाज उठा सकते हैं। एनएसयूआई नेता मनोज लुबाना ने कहा कि चुनाव सितंबर तक होने चाहिए। एचएसए नेता विकास किन्हा ने कहा कि चुनाव जल्द होने चाहिए नहीं तो कैंपस में पढ़ाई का माहौल नहीं बन पाएगा। इनसो नेता गौतम नैन ने कहा कि चुनाव को अक्तूबर तक ले जाना बिल्कुल भी सही नहीं है।
पूरे खर्च पर कैमरे की नजर
लिंगदोह सिफारिशों के तहत कोई भी छात्र संगठन चुनाव में 5 हजार से अधिक खर्च नहीं कर सकता। लेकिन छात्र संगठन गाड़ियों, पोस्टर आदि पर ही हजारों खर्च कर देता है। पीयू प्रशासन इस बार सभी छात्र संगठनों पर कैमरे और वीडियो से नजर रखेगा। पीयू प्राइवेट कंपनी से इस काम में मदद लेगी।
पीयू की मैस पर रहेगी नजर
पीयू चुनाव में वोट बैंक बढ़ाने के लिए छात्र नेता स्टूडेंट्स को हर तरह का प्रलोभन देते हैं। पीयू हॉस्टल की मैस में आउटसाइडर को खाने की खुली छूट होती हैं। पीयू अधिकारियों के अनुसार इस बार सभी मैस ठेकेदार को किसी भी आउटसाइडर को खाना नहीं देने का नोटिस जारी करने की तैयारी है। निर्देशों की अनदेखी करने वाले ठेकेदारों का लाइसेंस रद्द कर दिया जाएगा। वार्डन खुद हर रोज मैस रजिस्टर चेक करेंगे।
पार्टी, मूवी और ट्रिप का ऑफर
सभी छात्र संगठन नए वोटर को लुभाने के लिए डिस्को और शिमला, मनाली के ट्रिप ऑफर करते हैं। पिछले हफ्ते ही एसडी कालेज के एक छात्र संगठन ने सेक्टर-9 के डिस्को में 580 स्टूडेंट को फ्री एंट्री दी थी।