उत्तराखंड के नव सृजित राजकीय महाविद्यालय अब गढ़वाल विवि से नहीं, बल्कि श्रीदेव सुमन विवि से संबद्ध होंगे। सत्र 2014-15 में शुरू होने वाले चार नए महाविद्यालयों ने संबद्धता के लिए श्रीदेव सुमन विवि से आवेदन कर दिया है।
संबद्धता देने के लिए विवि की ओर से कवायद शुरू कर दी गई है। निरीक्षण के लिए पैनल गठन की प्रक्रिया अंतिम चरण में है।
इन महाविद्यालयों को मिली स्वीकृति
प्रदेश सरकार की ओर से टिहरी जिले के क्वीली (पोखरी), देहरादून के रायपुर, हरिद्वार के मंगलौर और भगवानपुर के चूडियाला में नए महाविद्यालयों की स्थापना की स्वीकृति पिछले माह मिल चुकी थी।
उक्त महाविद्यालयों के भवन निर्माण के लिए भूमि चयन का काम हो चुका है। शैक्षणिक और शिक्षणेत्तर कर्मियों के पदों का सृजन भी हो चुका है।
क्वीली पोखरी महाविद्यालय में इस सत्र से बीए, रायपुर में बीकॉम और बीए, भगवानपुर चूडियाला में बीए और बीएससी तथा मंगलौर में बीए प्रथम वर्ष की कक्षाएं शुरू होनी है।
उच्च शिक्षा विभाग का पत्र मिला
अब तक गढ़वाल मंडल के राजकीय महाविद्यालय गढ़वाल विवि से संबद्धता लेते थे। लेकिन वर्ष 2009 में गढ़वाल विवि को केंद्रीय विवि का दर्जा मिलने के बाद नए कालेजों को प्रदेश सरकार ने श्रीदेव सुमन विवि से संबद्धता देने का निर्णय लिया है। नए कालेजों को संबद्धता देने के लिए उच्च शिक्षा विभाग का पत्र श्रीदेव सुमन विवि को प्राप्त हो चुका है।
श्रीदेव सुमन विवि के कुलसचिव डा. एके तिवारी ने बताया कि नए कालेजों को संबद्धता देने के लिए पैनल का गठन दो-तीन दिन में किया जाएगा। पूर्व में जिन निजी कालेजों ने विवि से संबद्धता के लिए आवेदन किया था। उनकी रिपोर्ट शासन को भेजी जा चुकी है।