उत्तराखंड की श्रीदेव सुमन विवि के पहले बैच के करीब आठ हजार छात्र स्नातकोत्तर परीक्षा उत्तीर्ण करने के बावजूद डिग्री से वंचित हैं।
वहीं श्रीदेवसुमन विवि के अधिकारियों का कहना है कि अंक तालिकाएं गढ़वाल विवि ने दी हैं तो डिग्री भी उन्हें ही देनी चाहिए। वहीं गढ़वाल विवि के अधिकारियों का कहना है कि श्रीदेव सुमन विवि के लोगो पर गढ़वाल विवि डिग्री निर्गत नहीं कर सकता है।
गढ़वाल विवि को केंद्रीय दर्जा मिलने के बाद वर्ष 2011 में तत्कालीन भाजपा सरकार ने टिहरी जिले के बादशाहीथौल में पंडित दीनदयाल उपाध्याय राज्य विवि की स्थापना की थी। इस दौरान यह तय किया गया था कि दीनदयाल उपाध्याय विवि से संबद्ध होने वाले महाविद्यालयों के पहले बैच की परीक्षा गढ़वाल विवि ही करेगा।
इसी बीच कांग्रेस ने सत्ता में आते ही विवि का नाम बदल कर श्रीदेव सुमन विवि कर दिया।