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उत्तराखंड: हजारों युवाओं को इस विवि ने किया 'बर्बाद'

Wed, 04 Mar 2015 03:57 PM IST
राजीव खत्री/अमर उजाला, श्रीनगर
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उत्तराखंड की श्रीदेव सुमन विवि के पहले बैच के करीब आठ हजार छात्र स्नातकोत्तर परीक्षा उत्तीर्ण करने के बावजूद डिग्री से वंचित हैं।
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वहीं श्रीदेवसुमन विवि के अधिकारियों का कहना है कि अंक तालिकाएं गढ़वाल विवि ने दी हैं तो डिग्री भी उन्हें ही देनी चाहिए। वहीं गढ़वाल विवि के अधिकारियों का कहना है कि श्रीदेव सुमन विवि के लोगो पर गढ़वाल विवि डिग्री निर्गत नहीं कर सकता है।

गढ़वाल विवि को केंद्रीय दर्जा मिलने के बाद वर्ष 2011 में तत्कालीन भाजपा सरकार ने टिहरी जिले के बादशाहीथौल में पंडित दीनदयाल उपाध्याय राज्य विवि की स्थापना की थी। इस दौरान यह तय किया गया था कि दीनदयाल उपाध्याय विवि से संबद्ध होने वाले महाविद्यालयों के पहले बैच की परीक्षा गढ़वाल विवि ही करेगा।
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इसी बीच कांग्रेस ने सत्ता में आते ही विवि का नाम बदल कर श्रीदेव सुमन विवि कर दिया।
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2011-12 के छात्रों को डिग्री का इंतजार

वर्ष 2011-12 में गढ़वाल विवि ने एमए व एमकाम की व्यक्तिगत परीक्षा कराई। इसमें करीब 8 हजार छात्र-छात्राओं ने भाग लिया। दो वर्ष के इंतजार के बाद अप्रैल 2014 में इन छात्रों को अंकतालिकाएं तो उपलब्ध हो पाई थीं, लेकिन डिग्री अब तक उपलब्ध नहीं हो पाई है।

श्रीदेव सुमन विवि के कुलपति डा. यूएस रावत का कहना है के डिग्री निर्गत करने का मामला शासन स्तर पर विचाराधीन है। पूर्व में शासन ने गढ़वाल विवि को डिग्री निर्गत करने के निर्देश दिए थे।

उन्होंने कहा कि परीक्षाएं गढ़वाल विवि ने आयोजित कराई हैं। अंकतालिकाएं भी गढ़वाल विवि ने ही निर्गत की हैं। अब डिग्री भी उन्हें ही निर्गत करनी चाहिए।

गढ़वाल विवि के कुलसचिव प्रो. पीएस राणा ने कहा कि गढ़वाल विवि श्रीदेव सुमन विवि के लोगो पर डिग्री नहीं दे सकता। उन्होंने बताया कि ऐसा करने पर होने वाली व्यवहारिक परेशानी से शासन को अवगत कराया जा चुका है।

अंक तालिका में भी है तकनीकी समस्या
श्रीदेव सुमन विवि के पहले बैच के छात्रों को वितरित की गई अंकतालिकाओं में भी तकनीकी समस्या है। अंकतालिका श्रीदेव सुमन विवि के लोगों पर निर्गत की गई है, लेकिन इसमें हस्ताक्षर गढ़वाल विवि के परीक्षा नियंत्रक के हैं। इससे छात्रों को काफी व्यवहारिक परेशानियों का सामना  करना पड़ रहा है।
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