दून विवि के छात्र भी अब उत्तराखंड तकनीकी विवि की तर्ज पर भारतीय सुदूर संवेदी संस्थान का लाभ ले सकेंगे।
बेहतर शोध कर सकेंगे
दून विवि और आईआईआरएस के बीच इस संबंध में एक करार हुआ है। इसके जरिए विवि के एनवायरमेंटल साइंस, नेचुरल रिसोर्स मैनेजमेंट, कम्यूनिकेशन के छात्र आईआईआरएस का लाभ लेकर बेहतर शोध कर सकेंगे।
दून विवि के कुलपति प्रो. वीके जैन और आईआईआरएस के निदेशक डॉ. वाईवीएन कृष्णमूर्ति ने एमओयू पर हस्ताक्षर किए। करार के बाद दून विवि ने आईआईआरएस के साथ कुछ अंतरिक्ष तकनीक से जुड़े कोर्स भी शुरू करने की योजना बनाई है।
विवि के शोधार्थियों को आईआईआरएस विशेषज्ञों का लाभ मिलने के साथ आईआईआरएस के संसाधन भी मुहैया होंगे। इस मौके पर डा. सुरेश कुमार, डा. राजेश कुमार, डा. विजय श्रीधर आदि मौजूद रहे।
तालमेल के लिए बनी कमेटी
दून विवि और आईआईआरएस के बीच तालमेल के लिए स्कूल ऑफ एनवायरमेंट हेड प्रो. कुसुम अरुणाचलम की अगुवाई में समिति बनाई गई है। इसमें डॉ. एसपीएस कुशवाहा भी शामिल होंगे। गौरतलब है कि इससे पहले आईआईआरएस ने उत्तराखंड तकनीकी विवि से इसी तरह का करार किया था।