पंजाब यूनिवर्सिटी (पीयू) स्टूडेंट काउंसिल का कार्यकाल खत्म होने से दो माह पहले ही प्रेसिडेंट को हटाने की तैयारी शुरू हो गई है। पीयू कैंपस के दो छात्र संगठनों सोई और पुसू ने अपने डिपार्टमेंटल रिप्रेजेंटेटिव (डीआर) के माध्यम से काउंसिल प्रेसिडेंट दिवांशु को हटाने के लिए नो कॉन्फिडेंस मोशन प्रस्ताव लाने की मांग की है।
इस संबंध में दोनों संगठनों ने डीएसडब्ल्यू को ज्ञापन दिया है। पुसू छात्र नेताओं ने 39 डीआर और सोई ने 17 डीआर के हस्ताक्षर की लिस्ट डीएसडब्ल्यू को सौंपी है। ज्ञापन में काउंसिल प्रेसिडेंट को अल्पमत में बताते हुए तुरंत हटाने की मांग की गई है।
पुसू और सोई ने छात्र काउंसिल प्रधान पर आरोप लगाया कि सालाना फेस्ट विमर्श-2015 के लिए उन्होंने स्टूडेंट काउंसिल कमेटी की बिना अनुमति के दो लाख एडवांस ले लिए, जबकि नियमों के तहत ऐसे इवेंट के आयोजन के लिए पर्चेज कमेटी से 15 हजार से अधिक के लिए अनुमति लेनी जरूरी होती है।
पुसू कैंपस प्रवक्ता तेजेंद्र सिंह धीमान ने आरोप लगाया कि स्टूडेंट काउंसिल पीयू प्रशासन को गलत बिल स्वीकार करने के लिए दबाव बना रही है। उधर पीयू स्टूडेंट काउंसिल प्रधान दिवांशु ने आरोपों को सिरे से खारिज किया है। उन्होंने कहा कि कार्यक्रम नियमों के तहत आयोजित किया गया। मामले की किसी भी तरह से जांच करवाई जा सकती है।
राष्ट्रपति के सामने उठेगा हॉस्टल फंड का मुद्दा: दिवांशु
दिवांशु ने वीरवार को प्रेसवार्ता में बताया कि डीएसडब्ल्यू की ओर से फंड की जानकारी न देने से स्टूडेंट्स में रोष है। राष्ट्रपति दौरे के दौरान 14 मार्च को मामला उनके सामने उठाया जाएगा। उन्होंने बताया कि 500 से अधिक स्टूडेंट्स ने मेमोरंडम पर हस्ताक्षर कर हॉस्टल फंड की पूरी जानकारी देने की मांग रखी है।
स्टूडेंट काउंसिल ने फाइनेंशियल फ्रॉड किया है। पीयू प्रशासन को गलत बिल भी जमा करवाए गए हैं। सभी बिलों की नए सिरे से जांच होनी चाहिए।
-विक्रमजीत सिंह, लोकल यूनिट प्रेसिडेंट
सोई और पुसू के डीआर ने पीयू काउंसिल प्रेसिडेंट के खिलाफ नो कॉन्फिडेंस मोशन लाने के लिए ज्ञापन दिया है। 16 मार्च को होने वाली मीटिंग में इस मुद्दे पर चर्चा की जाएगी।
प्रो. नवदीप गोयल, डीएसडब्ल्यू पीयू