‘सांस्कृतिक मूल्यों और नैतिकता के अभाव में पढे़-लिखे लोग भी आतंकी और राष्ट्रविरोधी गतिविधियों में लिप्त हैं। राष्ट्रनिर्माण और देश को विकसित बनाने में छात्रों को अपना महत्वपूर्ण योगदान देना होगा।’ गृहमंत्री राजनाथ सिंह ने शारदा विश्वविद्यालय के पहले दीक्षांत समारोह में ये विचार व्यक्त किए। उन्होंने कहा कि शिक्षण संस्थानों में पढ़ाई के साथ ही नैतिक और सांस्कृतिक मूल्यों का जुड़ाव बेहद जरूरी है। इसके अभाव में वैज्ञानिक नजरिया या पेशेवर दक्षता खतरनाक साबित हो सकती है। उसका कोई भी गलत इस्तेमाल कर सकता है। उन्होंने कहा कि भारत हमेशा से ही अनुसंधान का केंद्र रहा है और पूरी दुनिया को शिक्षा देता रहा है। हमें जरूरत इस बात की है कि हमारे हर विद्यार्थी में एक टैलेंट होना चाहिए।
उन्होंने तक्षशिला और नालंदा जैसे प्राचीन विश्वविद्यालयों का गुणगान करते हुए भारत को दुनियाभर में सीखने का स्रोत बताया। जब वह यूपी के शिक्षामंत्री थे तो उन्होंने वैदिक गणित की शुरुआत की थी, लेकिन तथाकथित बुद्धिजीवियों ने इसका विरोध किया था। उन्होंने एनसीआर में बढ़ रहे शिक्षण संस्थानों और उनके द्वारा दी जा रही शिक्षा की सराहना की। गृहमंत्री ने कहा कि शिक्षा तो संस्थान से मिलती हैं लेकिन दीक्षा गुरू से ही मिलती है।
दीक्षांत समारोह के बाद गृहमंत्री राजनाथ सिंह ने शारदा विश्वविद्यालय के एकेडमिक भवन का अनावरण और पौधरोपण भी किया। समारोह में मानव संसाधन विकास राज्य मंत्री और प्रो. रामशंकर कठेरिया ने कहा कि शारदा विश्वविद्यालय ने देश ही नहीं बल्कि विदेशों में भी नाम रोशन किया है। सबसे बड़ी बात यह है कि इस संस्थान का नाम भी मां शारदा के नाम पर है। उन्होंने छात्रों से अपील की कि वे भी अपना, अपने माता-पिता और प्रदेश व देश का नाम रोशन करें। शारदा विश्वविद्यालय के चांसलर पीके गुप्ता ने कहा कि यहां 46 देशों के करीब दो हजार छात्र पढ़ चुके हैं। इस मौके प्रो.चांसलर वाईके गुप्ता, वाइस चांसलर विजय गुप्ता, रजिस्ट्रार ए. अहमद भी मौजूद रहे। समारोह में 46 देशों के विद्यार्थियों के साथ ही संबंधित दूतावासों के अधिकारियों ने शिरकत की।
समारोह में गृहमंत्री ने छात्र-छात्राओं को डिग्रियां प्रदान की। उन्होंने विश्वविद्यालय का सर्वश्रेष्ठ विद्यार्थी (अवार्ड) चांसलर मेडल बीबीए की छात्रा पूजा गुप्ता को दिया। विश्वविद्यालय के टॉपर्स बीबीए की छात्रा पूजा गुप्ता, एमएससी के छात्र मुकुट बिहारी, बीटेक के मुदित अग्रवाल, बीटेक के योगेंद्र सिंह, एमबीए की जोशिता पंडित और एमटेक के हिमांशु चौधरी को स्वर्ण पदक से सम्मानित किया गया। इसके अलावा 35 छात्र-छात्राओं को सर्टिफिकेट दिए गए।