एचपी यूनिवर्सिटी में माहौल फिर तनावपूर्ण हो गया है। कुलपति का कार्यकाल बढ़ाने से भड़के एसएफआई कार्यकर्ताओं ने सोमवार को ‘ब्लैक डे’ के रूप में मनाया। अभी छात्र परिसर में धरना दे ही रहे थे कि पुलिस पहुंच गई।
इसके बाद पुलिस और छात्रों के बीच कहासुनी शुरू हो गई। पुलिस का कहना था कि कैंपस में धारा 144 लगी है। ऐसे में यहां धरना देना या नारेबाजी करना मना है। वहीं, छात्रों का कहना था कि कुलपति को जो सेवा विस्तार मिला है। वह गलत है।
छात्रों के अनुसार कुलपति ने ऐसा कोई काम नहीं किया कि उन्हें सेवा विस्तार दिया जाए। उल्टा फीस बढ़ाकर कुलपति ने छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ किया है। काफी देर तक बहसबाजी होन के बाद धक्कामुक्की शुरू हो गई।
सात छात्र हिरासत में लिए
बाद में पुलिस ने छात्रों को हिरासत में लेना शुरू कर दिया। छात्र और भड़क गए और पुलिस व सरकार के खिलाफ भी नारेबाजी शुरू हो गई। फिलहाल पुलिस ने केस दर्ज कर लिया है। उधर, एसएफआई का कहना है कि कुलपति के सेवा विस्तार के दिन को विश्वविद्यालय में ‘ब्लैक डे’ के रूप में मनाया जाएगा।
सरकार के खिलाफ आंदोलन
एसएफआई ने हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय में कुलपति को सेवा विस्तार देने पर कड़ी आपत्ति जताई है। एसएफआई के अध्यक्ष राहुल चौहान और सचिव विपिन शर्मा का कहना है कि प्रदेश सरकार भ्रष्टाचारियों को संरक्षण दे रही है। यदि प्रदेश सरकार ने कुलपति को दिया सेवा विस्तार वापिस न लिया तो एसएफआई सरकार के खिलाफ प्रदेशव्यापी आंदोलन शुरू करेगी।
धारा 144 क्यों?
एसएफआई ने विश्वविद्यालय से धारा 144 हटाने की मांग की है। एसएफआई का कहना है कि विश्वविद्यालय में छात्र पढ़ाई करने आते हैं, यह कोई दंगा स्थल नहीं है जो धारा 144 लगाई गई है। एसएफआई ने विवि परिसर से धारा 144 तुरंत हटाने की मांग की है।