उत्तर प्रदेश प्राविधिक विश्वविद्यालय (यूपीटीयू) ने सभी इंजीनियरिंग व मैनेजमेंट कॉलेजों में रैगिंग रोकने के लिए सख्त निर्देश जारी किए हैं।
कॉलेजों को निर्देश दिए गए कि फर्स्ट ईयर के स्टूडेंट्स को सीनियर टीचर्स ही पढ़ाएंगे।
उनकी कक्षाएं ग्राउंड फ्लोर पर लगाई जाएं। यदि व्यवस्था नहीं है तो फर्स्ट फ्लोर से ऊपर किसी भी कीमत पर कक्षाएं नहीं चलनी चाहिए।
बीटेक, बीफॉर्मा आदि के फर्स्ट ईयर के स्टूडेंट्स को इससे ऊपर के फ्लोर पर चढ़ने की इजाजत न दी जाए। बच्चों के लिए अलग शैक्षिक भवन, छात्रावास व कैंटीन की व्यवस्था भी करनी होगी।
यूपीटीयू के रजिस्ट्रार यूएस तोमर ने सभी कॉलेजों को यह निर्देश दिए हैं कि सीनियर टीचर स्टूडेंट्स की समस्याओं का सही ढंग से समाधान कर सकते हैं। फर्स्ट ईयर के स्टूडेंट्स को हर कीमत पर सीनियर टीचर ही पढ़ाएंगे।
जो स्टूडेंट्स फर्स्ट ईयर की कक्षा में लगातार अनुपस्थित हो रहे हैं, उनकी अनुपस्थिति का कारण सहित पूरा लेखा-जोखा रखना होगा।
वहीं, प्रथम वर्ष के छात्रों को घर एवं हॉस्टल से आने -जाने के लिए अलग वाहन की व्यवस्था करनी होगी। कोई भी कॉलेज जूनियर व सीनियर स्टूडेंट्स को लाने व भेजने के लिए एक ही बस का प्रयोग नहीं कर सकेगा।
यूपीटीयू प्रशासन का कहना है कि रैगिंग रोकने के लिए बनाए गए इन नए नियमों का सख्ती से कॉलेजों को पालन करना होगा। अगर कोई घटना हुई और उसमें रैगिंग की पुष्टि हुई तो कॉलेज की मान्यता रद की जा सकती है।