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एलयूः नहीं पूरा हुआ कोर्स, सेमेस्टर एग्जाम दिसंबर से

Fri, 28 Nov 2014 11:07 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, लखनऊ
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के पहले हफ्ते में होंगी। स्टूडेंट्स का कहना है कि अब तक कोर्स पूरा नहीं हो पाया और ऐसे में परीक्षाएं कराई जा रहीं हैं।
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वहीं परीक्षा नियंत्रक का कहना है कि जल्द ही स्कीम जारी कर दी जाएगी। पहला पेपर पांच दिसंबर को होना प्रस्तावित है। परीक्षा नियंत्रक ने एग्जाम में शामिल होने के लिए स्टूडेंट्स की 75 प्रतिशत उपस्थिति की अनिवार्यता संबंधी पत्र पहले ही जारी कर दिया है।

इस वर्ष लविवि की एडमिशन प्रक्रिया पूरी तरह पटरी से उतर गई। अगस्त के बजाय अक्तूबर तक दाखिले होते रहे। ऐसे में माना जा रहा था कि परीक्षाएं भी देरी से होंगी लेकिन एग्जाम दिसंबर के पहले हफ्ते से शुरू हो जाएंगे, जबकि अब तक ज्यादातर विभागों में सिलेबस पूरा नहीं है।
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इसके बावजूद लविवि अपने शैक्षणिक कैलेंडर के हिसाब से ही परीक्षाएं कराने की तैयारी कर रहा है। परीक्षा नियंत्रक ने दो सप्ताह पहले सभी विभागों को पत्र भेजकर उनके यहां पीजी की सेमेस्टर परीक्षाओं का प्रस्तावित कार्यक्रम मांगा था।

विभागों ने अभी तक नहीं भेजा कार्यक्रम

परीक्षा नियंत्रक के पत्र के जवाब में बहुत से विभागों ने अपने यहां का प्रस्तावित कार्यक्रम परीक्षा विभाग को मुहैया करा दिया, जबकि कई विभागों ने अधूरे कोर्स को देखते हुए अभी तक प्रस्तावित परीक्षा कार्यक्रम नहीं भेजा है।

इसके बावजूद परीक्षा नियंत्रक ने दिसंबर के पहले सप्ताह से ही परीक्षा कराने का निर्णय किया है। विश्वविद्यालय अनुदान आयोग का साफ निर्देश है कि साल में कम से कम 180 दिन कक्षाएं संचालित होनी चाहिए। इस लिहाज से सेमेस्टर कक्षाओं में कम से कम 90 दिन कक्षाएं चलनी चाहिए।

विश्वविद्यालय की पीजी प्रवेश प्रक्रिया अक्तूबर तक चली है। हालांकि विश्वविद्यालय इस बीच में थर्ड सेमेस्टर की कक्षाएं चलाने का दावा कर रहा था। इसके बाद अक्तूबर और नवंबर में कुल मिलाकर मुश्किल से 45 दिन कक्षाएं चली हैं। इसके बावजूद सेमेस्टर परीक्षाएं अपने तय समय पर ही कराई जा रही हैं। लखनऊ विश्वविद्यालय की लॉ फैकल्टी में चलने वाले एलएलएम पाठ्यक्रम के थर्ड सेमेस्टर के स्टूडेंट्स का बुरा हाल है।
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एलयू में इतनी लेटलतीफी

दो वर्षीय पाठ्यक्रम में तीन सेमेस्टर में परीक्षाएं होती हैं, जबकि चौथे सेमेस्टर में स्टूडेंट्स को लघु शोध भी तैयार करना होता है। हर साल तीसरे सेमेस्टर की शुरुआत में ही स्टूडेंट्स को टॉपिक दे दिया जाता है।

इसके बाद स्टूडेंट्स साल भर काम करने के बाद अपना लघु शोध पत्र तैयार करते हैं। इस साल लेट-लतीफी का आलम यह है कि शैक्षिक सत्र शुरू होने के पांच महीने बीतने के बावजूद स्टूडेंट्स को एलएलएम में लघु शोध का टॉपिक नहीं मिला है।

थर्ड सेमेस्टर की परीक्षाएं सिर पर हैं। परीक्षा समाप्त होने के बाद स्टूडेंट्स के पास मुश्किल से चार महीने का समय होगा। इसी समय में स्टूडेंट्स को अपना लघु शोधपत्र तैयार करना होगा।

जिस काम के लिए स्टूडेंट्स को साल भर देने का प्रावधान अगर उसी काम के लिए केवल कुछ महीने का समय मिलेगा तो शोध गुणवत्ता क्या होगी बताने की जरूरत नहीं है।

एलयू के परीक्षा नियंत्रक एसके शुक्ला ने बताया कि परीक्षा की तैयारियां पूरी हो चुकी हैं। ज्यादातर विभागों ने प्रस्तावित परीक्षा कार्यक्रम मुहैया करा दिया है। बहुत जल्द परीक्षा कार्यक्रम जारी कर दिया है। परीक्षा कार्यक्रम पहले से प्रस्तावित था ऐसे में विभागों में पढ़ाई पूरी हो चुकी है।
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