राजधानी देहरादून के केंद्रीय विद्यालयों में दस फरवरी से मिशन एडमिशन की शुरुआत होगी। इस बार दून के 11 केंद्रीय विद्यालयों की 1080 सीटें उपलब्ध होंगी।
कड़ी मेरिट सूची से जूझना होगा
पिछले वर्ष केवि आईटीबीपी में 40 सीटें बढ़ी थीं, लेकिन इस बार कोई बढ़ोत्तरी सामने नहीं आई है। कक्षा एक में दाखिले के लिए होने वाली प्रक्रिया में अभिभावकों को कड़ी मेरिट सूची से जूझना होगा।
खासतौर से केवि ओएनजीसी में हर साल की तरह इस साल भी भारी मारामारी देखने को मिलेगी। हालांकि सबसे ज्यादा सीटें केवि आईएमए में है।
इनका रखें ख्याल
- आरक्षित श्रेणी का लाभ लेने वाले अभिभावक फॉर्म के साथ जाति प्रमाण पत्र की सत्यापित प्रतिलिपी संलग्न करें।
- नोन क्रीमि लेयर का लाभ लेने के लिए डीएम द्वारा निर्गत प्रमाण पत्र जरूर संलग्न करें।
- आरटीई का लाभ लेने वाले बीपीएल आवेदक राजपत्रित अधिकारी से प्रमाणित बीपीएल कार्ड की फोटोकॉपी संलग्न करें।
इन नियमों के तहत होंगे दाखिले
लॉटरी प्रक्रिया : इस नियम का इस्तेमाल वरीयता क्रम निर्धारित होने के बावजूद ज्यादा आवेदक होने पर किया जाता है। एक डिब्बे से पर्ची निकालकर बच्चों का चयन किया जाता है।
दूरी का नियम : एक सीट पर ज्यादा दावेदार होने की सूरत में केंद्रीय विद्यालय के पास रहने वाले बच्चों को वरीयता दी जाती है।
उम्र का नियम : इसके तहत एक सीट पर एक से ज्यादा दावेदार होने पर अधिक उम्र के बच्चे को वरीयता दी जाती है।
इकलौती कन्या संतान : हर केंद्रीय विद्यालय में दो सीटें इकलौती कन्या संतान के लिए आरक्षित हैं। इसका लाभ लेने के लिए अभिभावकों को शपथ पत्र देना होगा।