शिक्षा विभाग के कारनामे भी अजब गजब हैं। विभाग में पांच साल पहले अपग्रेड किए गए 79 स्कूलों को अब शिक्षक मिलेंगे। शासन की ओर से इसका शासनादेश जारी होने जा रहा है। वर्ष 2011 में इन स्कूलों को शिक्षकों के पद सृजित किए बगैर ही अपग्रेड कर दिया गया था।
प्रदेश में यह पहला मामला है जब शिक्षकों के पद सृजित किए बगैर ही किसी स्कूल को अपग्रेड कर दिया गया हो। अमूमन होता यह है कि शिक्षकों के पद सृजित करने के बाद ही स्कूल को अपग्रेड किया जाता है, लेकिन शिक्षा विभाग में वर्ष 2011 में उल्टी गंगा बही। उत्तरकाशी, हरिद्वार, पिथौरागढ़ सहित विभिन्न जनपदों में 49 हाईस्कूलों को इंटरमीडिएट कालेज के रूप में और 30 जूनियर हाईस्कूलों को हाईस्कूलों के रूप में अपग्रेड किया गया।
शिक्षक न होने से इन स्कूलों में पिछले पांच साल से बच्चे बगैर शिक्षकों के ही परीक्षा देते आ रहे थे। इन स्कूलों की स्थिति यह है कि शिक्षक न होने से यहां एलटी के शिक्षक इंटरमीडिएट के बच्चों को और जूनियर हाईस्कूल के सहायक अध्यापक, हाईस्कूलों के बच्चों को पढ़ा रहे हैं।
इनका है कहना
स्कूलों में छात्र संख्या को देखते हुए शासन की ओर से शिक्षकों के पद सृजित किए जा रहे हैं। बगैर शिक्षकों वाले समस्त 79 स्कूलों को जल्द ही शिक्षक मिल जाएंगे। संभावना है कि एक सप्ताह के भीतर शिक्षकों के पद सृजन का शासनादेश जारी हो जाएगा।
-गजेंद्र सिंह सौन, उप शिक्षा निदेशक माध्यमिक शिक्षा