ट्विन सिटी के स्कूलों में एडमिशन के बाद अब अभिभावक के समक्ष बच्चों की बुक्स व यूनिफॉर्म का जिन्न खड़ा है। किताबों के रेट में पंद्रह से बीस प्रतिशत तक की बढ़ोतरी है। यूनिफॉर्म के रेट भी आसमान छू रहे हैं।
ऐसे में अभिभावक परेशान हैं कि क्या करें। निजी स्कूलों के बच्चों को एडमिशन के बाद अब निर्धारित दुकान से किताबें व यूनिफॉर्म खरीदने की सलाह दी है।
अभिभावकों का कहना है कि पिछले साल की अपेक्षा किताबों के दामों में वृद्धि तो हुई है। स्कूलों व उनसे सबंधित दुकानों से शिक्षा सामग्री खरीदने के लिए वह बुरी तरह फंस गए हैं।
दुकानदार किताबों के लिए समय देते नजर आते हैं। बाजारों में इस वर्ष किताबों के दामों में 20 से 25 प्रतिशत तक बढ़ोतरी हुई है। बुक डिपो संचालक दीपक का कहना है कि पिछले वर्ष के चलते किताबों व कापियों के रेटो में वृद्धि हुई है। उन्होंने कहा कि ऐसा केवल कागज की कीमतों में आई बढ़ोतरी से हुआ है।
अभिभावक सुरेंद्र धीमान का कहना है कि वह पिछले साल अपने बेटे के लिए पांचवीं की किताबों का सेट 420 रुपये में लाए थे लेकिन इस बार उसी सेट की कीमत 530 रुपये बताई जा रही है।
इस तरह से बढ़े हैं रेट
कक्षा----------पहले----------अब
पहली----------150----------200
दूसरी----------180----------210
तीसरी----------210----------250
चौथी----------400----------550
पांचवी---------450----------550
छठी----------500----------550
सातवीं--------500----------550
आठवीं--------500----------550
नौंवीं----------600----------640
दसवीं----------620----------700