स्कूल-कॉलेज परिसर और इसके सौ मीटर के दायरे में सिगरेट या तंबाकू से बने पदार्थों पर प्रतिबंध लगाने में उदासीनता बरतना प्राचार्यों को भारी पड़ेगा।
सिटी मजिस्ट्रेट एसएन यादव ने सिगरेट एंड अदर टोबैको प्रोडक्ट प्रोहिविशन एक्ट (कोटपा) की अनदेखी करने वाले प्राचार्यों पर एक्ट के तहत जुर्माना लगाने की चेतावनी दी है।
इस संबंध में शहर के सभी स्कूल-कॉलेज के प्राचार्यों और प्रधानाचार्यों को नोटिस भेज कर बताया गया है कि एक्ट के तहत स्कूल-कॉलेज परिसर और उससे आसपास सिगरेट-तंबाकू के इस्तेमाल और बिक्री पर रोक लगाना उनकी जिम्मेदारी है।
पुलिस की मदद से वे इस पर रोकथाम सुनिश्चित करें। नोटिस में इस आदेश की अनदेखी पर उन्हें जर्माने की चेतावनी दी गई है। सिटी मजिस्ट्रेट ने बताया कि एक्ट की धारा 5 के तहत सिगरेट और दूसरे तंबाकू उत्पादों को स्कूल-कॉलेज,सार्वजनिक स्थल,अस्पताल आदि के परिसर या इसकी 100 मीटर परिधि में बेचना या प्रयोग करना पूरी तरह प्रतिबंधित है।
इसकी निगरानी और रोकथाम की जिम्मेदारी संबंधित संस्थाओं के मुखिया या प्रशासनिक अधिकारियों को सौंपी गई है। रोकथाम को गठित तंबाकू नियंत्रण सेल को मिली शिकायत के अनुसार शहर के अधिकांश स्कूल-कॉलेजों के आसपास सिगरेट -बीड़ी बेचने की दुकानें चल रही हैं।
इसीलिए इन शिक्षण संस्थानों के प्राचार्यों को नोटिस भेजा गया है। कोटपा 2003 के तहत देश भर में सिगरेट, बीडी, गुटखा,पान मसाला आदि तंबाकू उत्पादों के प्रचार पर रोक के साथ ही उनके नियंत्रित उत्पादन,व्यापार,आपूर्ति और वितरण का प्रावधान है।
इसी एक्ट के तहत सार्वजनिक स्थानों पर धूम्रपान करने पर रोक लगाई गई है। साथ ही 18 वर्ष से कम उम्र वाले को बेचने पर सजा हो सकती है।