एचपी यूनिवर्सिटी के बायो टेक्नोलॉजी विभाग में छात्रों से लाइब्रेरी की पुस्तकें न लौटाने पर चार हजार के लगाए गए फाइन पर एससीए भड़क गई है।
एससीए पदाधिकारियों अध्यक्ष राजन हारटा और महासचिव पीयूष सेवल की अगुवाई में विवि के अधिष्ठाता अध्ययन प्रो. सुरेश कुमार से मुलाकात कर फाइन वसूले जाने के फैसले को वापस लेने की मांग की।
एससीए का आरोप है कि लाइब्रेरी से ली गई किताबों को लौटाने के लिए छात्रों को किसी तरह की न तो सूचना दी गई और न ही नोटिस दिया गया। सीधे उनसे पुस्तकें न लौटाने पर चार चार हजार का फाइन वसूला गया।
इससे पूर्व छात्रों पर ऐसा कोई फाइन नहीं वसूला गया। इस मांग को लेकर वे कुछ दिन पूर्व विभागाध्यक्ष एसएस कंवर से भी मिले थे, मगर उन्होंने फाइन न लगाने की मांग को पूरी तरह से नकार दिया।
छात्रों का आरोप नहीं मिल रही मूलभूत सुविधाएं
विभाग में पीने के पानी और बिजली तक की उचित व्यवस्था नहीं है। छात्रों से पहले ही फीस वसूल की जा रही है, मगर इसकी एवज में उन्हें मूलभूत सुविधाएं तक नसीब नहीं हो रही।
माइक्रोबायोलॉजी विभाग में तो हर छात्र से 80 हजार तक फीस वसूली जा रही है, उस पर किताबें न लौटाने वाले छात्रों को लौटाने के लिये सूचित न कर सीधे भारी भरकम फाइन लगा दिया गया है।
शोध छात्रों को छह माह से छात्रवृत्ति तक नहीं दी जा रही है। एससीए पदाधिकारियों ने चेतावनी दी है कि यदि फाइन लगाने के फैसले को वापस न लिया गया तो एससीए विभागाध्यक्ष और विवि अधिकारियों का घेराव करेगी।