प्रदेश विश्वविद्यालय की 78 सदस्यीय मेरिट आधार पर गठित एससीए में से अध्यक्ष, उपाध्यक्ष सहित कुल 21 सदस्यों ने वीरवार को शपथ ग्रहण कर पदभार संभाला। विवि के अधिष्ठाता अध्ययन प्रो. संजीव महाजन ने एससीए अध्यक्ष मंजुला बिष्ट और उपाध्यक्ष पूजा परिहार को शपथ दिलाई। इसके अलावा 19 विभागीय प्रतिनिधियों ने भी पद एवं गोपनीयता की शपथ ग्रहण की।
विवि के सभागार में दोपहर तीन बजे शुरू हुए इस समारोह के आगाज पर गाए कुलगीत पर कुछ छात्रों के खड़ा न होने पर कुलपति बुरी तरह से भड़क गए। इससे कुछ देर के यहां हंगामा भी हुआ। एक छात्र के बहस करने पर कुलपति ने उसे और अन्य खड़े न होने वाले छात्रों को बाहर जाने को कहा। कुलपति प्रो. वाजपेयी ने कुलगीत का सम्मान करने की बात कही।
साथ ही सम्मान न करने पर एक छात्र को निष्कासित करने के सभागार में ही मौखिक आदेश भी दे डाले। इसके बाद सामान्य रूप से शपथ ग्रहण समारोह की प्रक्रिया आगे बढ़ी। समारोह में प्रति कुलपति प्रो. राजेंद्र सिंह चौहान, एससीए के सलाहकार अधिष्ठाता छात्र कल्याण प्रो. संजीव महाजन, अधिष्ठाता अध्ययन प्रो. लक्ष्मण सिंह सहित अन्य अधिकारी और शिक्षक मौजूद रहे।
कुलपति प्रो. एडीएन वाजपेयी ने कहा कि विश्वविद्यालय और इससे संबद्ध हर
महाविद्यालय में अनुशासन सबसे बड़ी प्राथमिकता है। हर छात्र अनुशासन में
रहे और इसका सख्ती से पालन करे इसके लिए कड़े प्रयास किए जाएंगे। शपथ ग्रहण
समारोह के अंत में कुलपति प्रो. एडीएन वाजपेयी ने नई एससीए पदाधिकारियों
और विभागीय प्रतिनिधियों को पदभार संभालने पर बधाई दी
छात्रों की समस्याएं हल करने का वादा
शपथ ग्रहण समारोह में एससीए के चार मुख्य पदों के लिए मनोनीत हुई अध्यक्ष मंजूला विष्ट और उपाध्यक्ष पूजा परिहार ने कहा कि विवि प्रशासन और छात्र समुदाय का एससीए के लिए मनोनीत किए जाने पर धन्यवाद किया। छात्रों को आश्वस्त कि या कि वे हर छात्र की समस्या को प्रशासन के सहयोग से हल करने का प्रयास करेंगी।
10 सदस्य दे चुके हैं अभी तक इस्तीफे
एचपीयू की मनोनयन से गठित 78 सदस्यीय एससीए के पदाधिकारी और सदस्यों में सचिव और सह सचिव के साथ दस विभागीय प्रतिनिधियों ने शपथ ग्रहण समारोह से पूर्व ही पद न संभालने की इच्छा जताते हुए इस्तीफा दे दिया था।
मंच पर आकर इस्तीफे का ऐलान
समारोह में अर्थशास्त्र विभाग के मनोनीत विभाग प्रतिनिधि सरदारी लाल ने मंच से कुछ कहने की इच्छा जताई। उसने मंच से ही सार्वजनिक रूप से इस्तीफा देने का ऐलान किया। सरदारी ने कहा कि वह लोकतंत्र में विश्वास करते हैं, मैं ऐसी एससीए को नहीं मानता। इसके बाद छात्र अपने साथियों के साथ सभागार छोड़ कर चले गए।
सभागार के बाहर पुलिस का कड़ा पहरा
शपथ ग्रहण समारोह के दौरान किसी तरह की गड़बड़ी न हो इसके लिए पुलिस के कड़े इंतजाम किए थे। सभागार के अंदर और बाहर तथा परिसर में एचपीयू सुरक्षा अधिकारी डीएसपी शिव चौधरी की देखरेख में पुलिस जवान मुस्तैद रहे।