हाईकोर्ट ने चाणक्यपुरी स्थित संस्कृति स्कूल में नर्सरी दाखिलों के लिए रास्ता साफ कर दिया। अदालत ने स्पष्ट किया कि सूची की अंतिम सीट वाले बच्चे को सशर्त दाखिला प्रदान किया जाए। यदि मामले में याचिकाकर्ता के हक में फैसला गया तो उक्तबच्चे का दाखिला रद्द कर याची के बच्चे को एडमिशन दिया जाएगा।
तीन वर्षीय नवया सिंह की ओर से याचिकाकर्ता ने स्कूल द्वारा 60 प्रतिशत सीटें सिविल सर्विस व डिफेंस अधिकारियों के लिए आरक्षित करने व सामान्य वर्ग के बच्चों के लिए मात्र 10 प्रतिशत रखने के फैसले को चुनौती दी थी। न्यायमूर्ति मनमोहन याचिका पर सुनवाई कर रहे हैं।
दिल्ली सरकार ने एक बार फिर अपना जवाब दाखिल नहीं किया। उधर, स्कूल प्रशासन ने तर्क रखा कि उन्हें अपने नियमों के तहत दाखिला देने का अधिकार है। इसके लिए उन्होंने आर्मी स्कूल आदि के नियमों का हवाला भी दिया। अदालत ने कहा कि आप दाखिले दे सकते है, लेकिन अंतिम छात्र को सशर्त दाखिला दिया जाए।