शुक्रवार को विदेश मंत्री सलमान खुर्शीद ने दून स्कूल में तीन दिनी मॉडल यूएन कांफ्रेंस का शुभारंभ किया। इस मौके पर उन्होंने कहा कि सामरिक मसलों पर हमें सार्वजनिक रूप से बोलने से बचना होगा। इस मसले पर जितना बोलेंगे चुनौतियां उतनी बढ़ेंगी।
सीज फायर के उल्लंघन पर हमें एकाएक नहीं बल्कि विवेक से फैसला लेना होगा। खुर्शीद दून स्कूल में तीन दिनी मॉडल यूएन कांफ्रेंस के शुभारंभ अवसर पर विभिन्न देशों से पहुंचे बच्चों को संबांधित कर रहे थे।
खुर्शीद ने कहा कि पाकिस्तान ने जिस तरीके से सीज फायर का उल्लंघन किया है उसका उसे जवाब दिया जाएगा। इस मसले पर निश्चित रूप से कार्रवाई होगी।
इस तरह की स्थिति भविष्य में पैदा न हो इसके प्रयास किए जा रहे हैं। अल्पसंख्यक आयोग के राष्ट्रीय अध्यक्ष मजाहत हबीबुल्लाह ने बच्चों से कहा कि वे गरीब एवं असहायों की आवाज बनें।
उन्होंने कहा कि जिन लोगों के लिए नीतियां बनती हैं। उनमें वे लोग शामिल नहीं होते, जिनके लिए इन नीतियों को बनाया जाता है। नीति निर्माताओं में उन लोगों को भी शामिल किया जाना चाहिए, जिनके लिए इसे बनाया जाता है।
सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किए
भारत-पाकिस्तान के बीच अच्छे संबंधों की कोशिश सहित विभिन्न विषयों को लेकर आयोजित कांफ्रेंस में भारत, पाकिस्तान, बांग्लादेश सहित विभिन्न देशों के बच्चों ने प्रतिभाग किया। इससे पूर्व बच्चों ने कार्यक्रम के शुभारंभ अवसर पर सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किए। कार्यक्रम में दून स्कूल के हेडमास्टर पीटर मेक्लॉक्लिन आदि मौजूद थे।
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