सिस्टर निवेदिता नर्सिंग कॉलेज आईजीएमसी में शनिवार को फाइनल रिसर्च प्रेजेंटेशन कार्यक्रम हुआ। आईजीएमसी के वाइस प्रिंसिपल डा. केपी चौधरी, अतिरिक्त निदेशक डा. एनके लट्ठ इस दौरान मौजूद रहे। नर्सिंग कॉलेज की प्रधानाचार्य कौशल्या राठौर भी उपस्थित रहीं। कॉलेज की छात्राओं अमृता, सुषमा ने मुख्य अतिथि का स्वागत किया।
वाइस प्रिंसिपल डा. केपी चौधरी ने कहा कि प्रेजेंटेशन में हमेशा सुधार की गुंजाइश होती है। उन्होंने इसे और बेहतर बनाने का सुझाव दिया। अतिरिक्त निदेशक डा. एनके लट्ठ ने कॉलेज की छात्राओं को बताया कि रिसर्च कैसे करनी चाहिए और प्रेजेंटेशन में सुझाव, इलाज के तरीके और इस्तेमाल होने वाली दवाओं के बारे में भी बताना चाहिए। इससे पूर्व पहली प्रेजेंटेशन ‘प्ले थैरपी फॉर चिल्ड्रन’ अंबिका चौधरी ग्रुप ने प्रस्तुत की। इसमें अस्पताल में भर्ती बच्चों को प्ले थैरेपी के जरिये तनाव दूर करने के बारे में बताया गया।
अंकिता ठाकुर के दूसरे ग्रुप ने कैंसर के लिए इस्तेमाल होने वाली कीमोथैरेपी के सुरक्षित तरीकेे से प्रयोग करने के वारे में प्रेजेंटेशन दी। दीक्षा शर्मा के तीसरे ग्रुप ने अस्पताल में बेहतर सुविधाएं देने तथा मरीजों तथा तीमारदारों को सभी सुविधाएं प्रदान कर संतुष्ट करने बारे में रिपोर्ट प्रदर्शित की।
कामना शर्मा के चौथे ग्रुप ने मशोबरा में कुपोषण के शिकार बच्चों पर रिसर्च कर आंकड़े जमा कर रिसर्च बताई। खीना शर्मा के पांचवें ग्रुप ने ‘मैसोगेस्टिक टाइप फीडिंग’ के प्रभाव तथा इलाज के बारे में बताया। मीनाक्षी के छठे ग्रुप ने कैंसर के लिए किए जाने वाली रेडियेशन थैरेपी के बारे में बताया। सातवें ग्रुप की मीनाक्षी की टीम ने कैंसर पेशेंट को ओरल हेल्थ केअर और रूटीन हाइजिन के विषय पर जानकारी दी।