प्रदेश के कॉलेजों में शुरू हुई रूसा प्रणाली छात्रों के लिए आफत बन गई है। इसने सैकड़ों छात्रों के भविष्य पर सवालिया निशान लगा लिया है। पहले तो रूसा के तहत परीक्षा परिणामों में देरी हुई।
उसके बाद जो परिणाम आए, वे भी आधे-अधूरे। प्रदेश के सैकड़ों छात्रों का रिजल्ट अभी भी लटका हुआ है। रिजल्ट कंपलीट न होने से छात्रों में असमंजस की स्थिति है।
रूसा के तहत कई खामियां सामने आने लगी हैं। रिजल्ट के लिए कॉलेजों की ओर से दिए जाने वाले इंटरनेल असेसमेंट, हॉबी और प्रैक्टिकल के नंबर भेजने के बावजूद मार्क लिस्ट में स्टार का निशान आ रहा है। इसका अर्थ है कि इसके नंबर अभी नहीं जुडे़। इस वजह से छात्रों का परीक्षा परिणाम अधूरा है। दूसरे सेमेस्टर की पढ़ाई तक शुरू हो गई है।
बिलासपुर कॉलेज को ही लें तो यहां 700 में से महज 40 छात्रों का रिजल्ट ही कंपलीट है। अन्य छात्रों का परिणाम अधूरा है। कॉलेज प्रबंधन ने इसकी एक मोटी फाइल तैयार की है। दो बार व्यक्तिगत तौर भी शिक्षक विवि भेजे गए, किंतु बात नहीं बनी।
बिलासपुर कॉलेज में रूसा के को-आर्डिनेटर प्रोफेसर अशोक ठाकुर ने बताया कि दो बार संपर्क हुआ है, लेकिन नंबर नहीं जोडे़ जा रहे। कॉलेज से परीक्षा परिणाम घोषित होने से पहले ही यह परिणाम भेजे गए थे। समस्या को सुलझाने का प्रयास किया जा रहा है। इसकी फाइल तैयार कर विश्वविद्यालय को भेजी जा रही है।
प्रदेश विश्वविद्यालय के परीक्षा नियंत्रक डा. एसएल कौशल ने कहा कि रूसा के तहत इंटरनेल असेसमेंट, हॉबी, प्रैक्टिकल के मार्क कॉलेज ने ही करने हैं।
इसका साफ्टवेयर में भी प्रोविजन है। नंबरों को दुरुस्त करने के लिए गाइड लाइन दी गई है। इसके अनुसार कॉलेज प्रबंधन को कॉलेज स्तर पर ग्रीवेंस सेल भी बनाना है।