दिल्ली विकास प्राधिकरण (डीडीए) से सस्ती दरों पर भूमि लेने वाले निजी स्कूलों मनमाने तरीके से फीस वसूलने के कारण शिक्षा निदेशालय ने लगाम कसी है।
बीते माह होईकोर्ट के निर्णय को आधार बनाते हुए शिक्षा निदेशालय ने बिना मंजूरी फीस नहीं बढ़ाने को लेकर आदेश जारी किया है। आदेश में साफ कर दिया गया है कि वह निदेशालय की मंजूरी के बिना फीस को नहीं बढ़ा सकते हैं। यदि कोई स्कूल इस आदेश का उल्लंघन करता है तो उसकेखिलाफ उचित कार्रवाई की जाएगी।
शिक्षा निदेशालय की उपशिक्षा निदेशक(एक्ट-1) पी लता तारा की ओर से शनिवार को एक आदेश जारी किया गया है। आदेश में साफ किया गया है कि स्कूल प्रशासन शिक्षा निदेशालय की स्वीकृति के बिना मनमाने तरीके से बढ़ोतरी नहीं कर सकते हैं।
कोर्ट के आदेश का हवाला देते हुए स्पष्ट किया गया है कि निजी स्कूल दिल्ली स्कूल शिक्षा अधिनियम केतहत ही फीस ले सकते हैं। कोर्ट की ओर से शिक्षा निदेशालय को निर्देशित किया गया था कि वह इस आदेश का पालन करवाएं।
जिसके बाद निदेशालय ने हरकत में आते हुए आदेश जारी किया है। आदेश में स्पष्ट कर दिया गया है कि डीडीए की और से रियायती दरों पर आवंटित जमीनों पर चल रहे स्कूल फीस बढ़ाने के लिए सक्षम नहीं हैं।
आदेश में सभी जिला उपशिक्षा निदेशकों को यह सुनिश्चित करने केलिए कहा कि स्कूल बिना निदेशालय की मंजूरी केफीस ना बढ़ाएं। उपशिक्षा निदेशकों को कहा गया है कि यदि कोई स्कूल इस आदेश का उल्लंघन करता है तो उसके खिलाफ उचित कार्रवाई हो। साथ ही ऐसे स्कूल की जानकारी निदेशालय केएक्ट-1(शाखा) को भेजा जाए।