राज्य सरकार पहली बार होनहार गरीब विद्यार्थियों के लिए छह रेसिडेंशियल स्कूल बनाने जा रही है। यह मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल का ड्रीम प्रोजेक्ट है। उनकी सख्त हिदायत है कि इन स्कूलों में पढ़ाई का स्तर शानदार रहे। इसलिए शिक्षा विभाग ने भी टीचरों की भर्ती के लिए कड़ी तैयारी की है। रेसिडेंशियल स्कूलों में टीचर बनने वालों को अग्नि परीक्षा से गुजरना पड़ेगा।
टीचिंग और नॉन टीचिंग स्टाफ की भर्ती के लिए पहले स्क्रीनिंग टेस्ट होगा। इस टेस्ट का संचालन गुरु नानक देव यूनिवर्सिटी, अमृतसर केमाहिर करेंगे। इसके लिए स्टेट काउंसिल ऑफ एजुकेशनल रिसर्च एंड ट्रेनिंग ने हर विषय का सिलेबस भी जारी कर दिया है। स्क्रीनिंग टेस्ट में शॉर्ट-लिस्ट होने वाले कैंडिडेट इंटरव्यू के लिए जाएंगे।
उसमें सफल होने वाले प्रतिभागियों को नियुक्ति मिलेगी। डाटा एंट्री ऑपरेटर और क्लर्क के लिए टाइपिंग टेस्ट भी होगा। इसके लिए आवेदन ऑनलाइन भरा जाएगा। बीस मई तक ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन, 22 मई तक फीस जमा कराना और 25 मई तक ऑनलाइन आवेदन भरा जा सकेगा।
सीएम का ड्रीम प्रोजेक्ट
मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल ने पिछले साल नतीजों के बाद गरीब व होनहार विद्यार्थियों के लिए रेसिडेंशियल स्कूल खोलने का ऐलान किया था। जिसके लिए सोसाइटी फॉर प्रमोशन ऑफ क्वालिटी एजुकेशन फॉर पुअर एंड मेरिटोरियस स्टूडेंट्स ऑफ पंजाब बनाई गई। ये स्कूल अमृतसर, लुधियाना, जालंधर, पटियाला, बठिंडा व मोहाली में बनाए जाने है।
यही सोसाइटी स्कूलों का संचालन करेगी। दसवीं में 80 फीसदी से ज्यादा अंक लेने वाले छात्रों व छात्राओं को यहां मेडिकल, नॉन मेडिकल व कॉमर्स स्ट्रीम की मुफ्त शिक्षा दी जाएगी। रहने-खाने से लेकर सारी सुविधाएं भी मुहैया कराई जाएंगी।
साथ ही इंग्लिश स्पीकिंग और पर्सनालिटी डेवलपमेंट के लिए भी कोर्स चलाए जाएंगे। सीएम ने अधिकारियों को हिदायत दी है कि इंफ्रास्ट्रक्चर से लेकर पढ़ाई तक के लिए देश केप्रमुख स्कूलों का दौरा कर वहां केमॉडल स्टडी करें। स्कूलों का निर्माण शुरु हो चुका है, अगले सेशन से पढ़ाई शुरु हो जाएगी।
कितने हैं पद
सभी छह स्कूलों में एक-एक प्रिंसिपल की नियुक्ति के साथ टीचिंग और नॉन टीचिंग स्टाफ की नियुक्ति कॉन्ट्रैक्ट पर की जाएगी। जोकि पहले एक साल का होगा।
सभी स्कूलों में अंग्रेजी, पंजाबी, मैथ और बायोलॉजी के दो-दो लेक्चरर, कॉमर्स केतीन और फिजिक्स व केमिस्ट्री के चार-चार लेक्चर नियुक्त किए जाएंगे। एक-एक पुरुष व महिला डीपीई, एक-एक लाइब्रेरियन, क्लर्क, लाइब्रेरी रिस्टोरर व अकाउंट-कम-क्लर्क और तीन एसएलए रखे जाएंगे। हर स्कूल में तीन-तीन कंप्यूटर टीचर व दो-दो डाटा एंट्री ऑपरेटर भी नियुक्त होंगे।