मेडिकोज को मरीजों के इलाज के साथ-साथ उनसे बात करने का सलीका भी सिखाया जाएगा। केजीएमयू मेडिकोज को इंटरापसर्नल, प्रोफेशनल, कम्युनिकेशन स्किल सिखाएगा।
इसके लिए किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी ने कनाडा की मेक मास्टर और एडीलेट की आस्ट्रेलियन यूनिवर्सिटी से हाथ मिलाया है। नॉलेज शेयरिंग से मेडिकोज को विदेश जाने का मौका भी मिलेगा।
मार्च 2015 में कनाडा की मेक मास्टर यूनिवर्सिटी का एक दल केजीएमयू भी पहुंचेगा। इसके बाद यहां की टीम कनाडा का दौरा करेगी। केजीएमयू के मेडिकोज की स्किल सुधारने की कुलपति प्रो. रविकांत की कवायद रंग ला रही है।
छात्र-छात्राओं को सिखाया जाएगा कि मेडिकल एथिक्स क्या हैं, प्रोफेशनल स्किल किस तरह अपनाएं। डॉक्टर-मरीज के संबंध कैसे अच्छे रहें? डॉक्टर और मरीज के अधिकार क्या हैं।
किस मरीज को पहले इलाज की जरूरत है और किस मरीज को बाद में इलाज दिया जाए? अपने वरिष्ठों से अदब से बोलना, मरीज या उसके परिवारीजन नाराज हो तों उनसे कैसे बात की जाए, इसका भी प्रशिक्षण दिया जाएगा।
कुलपति की इस कवायद में मेडिकोज और फैकल्टी की स्किल की सुधार के लिए कनाटा और आस्ट्रेलिया की यूनिवर्सिटी भी सहयोग करेंगे। दोनों से एमओयू हो गया है। मार्च में कनाडा का एक दल केजीएमयू आएगा।
इसके बाद पीडियाट्रिक विभाग का तीन सदस्यीय दल कनाडा जाएगा। इससे नॉलेज शेयरिंग बढ़ेगी। मेडिकोज को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चिकित्सा शिक्षा और सेवाओं की जानकारी मिल सकेगी।