लखनऊ विश्वविद्यालय में फिजिकल एजूकेशन (एमपीएड) में दाखिले फंस गए हैं। बिना स्वीकृति कोर्स में हुए दाखिले पर नेशनल काउंसिल फॉर टीचर्स एजूकेशन ने सख्त नाराजगी जताई है।
एनसीटीई ने विवि को पत्र लिखकर पूछा कि कोर्स को अब तक अप्रूवल नहीं दिया गया है, ऐसे में उन्होंने इस कोर्स में दाखिले कैसे ले लिए।
फिलहाल, अब इस कोर्स में दाखिला लेने वाले स्टूडेंट्स का कॅरिअर फंस गया है। अभी दो दिन पहले ही लखनऊ विश्वविद्यालय ने एमपीएड कोर्स में दाखिले के लिए चयनित अभ्यर्थियों की सूची जारी की है।
सेकंड लिस्ट भी जारी की जा चुकी है। इस कोर्स में फीस जमा करने की प्रक्रिया भी बुधवार से शुरू हो गई है। ऐसे में अब एनसीटीई के सख्त रूख से स्टूडेंट्स की मुसीबतें बढ़ गई हैं।
एनसीटीई की ओर से लखनऊ विश्वविद्यालय के रजिस्ट्रार कैप्टन अमिताभ प्रकाश को पत्र लिखकर एमपीएड कोर्स में हुए दाखिले की प्रक्रिया पर सवाल खड़े किए गए हैं।
एनसीटीई ने दो टूक पूछा है कि जब अभी तक उसने एलयू को कोर्स चलाने की मान्यता नहीं दी है। आखिर बिना मान्यता के अप्रूवल हुए कोर्स किस तरह चलाया जा रहा है।
एलयू को पत्र लिखकर एनसीटीई ने यह जानना चाहा है कि आखिर दाखिले कैसे लिए जा रहे हैं। यह पूरी तरह गलत है और यूनिवर्सिटी प्रशासन ऐसा करके छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ कर रहा है।
एनसीटीई यूनिवर्सिटी में एमपीएड ही नहीं बीपीएड कोर्स को भी गलत ठहरा चुका है। इसके बाद बीपीएड कोर्स में दाखिले नहीं हो रहे हैं।
अब एमपीएड कोर्स में बिना अप्रूवल हो रहे दाखिले पर सवाल उठाने के बाद इस कोर्स के दोबारा शुरू होने से पहले ही विवाद खड़ा हो गया है।
फिलहाल, एनसीटीई के सख्त रुख के चलते इस कोर्स की डिग्रियां भी अमान्य होने का खतरा मंडरा रहा है।