चंडीगढ़ के नौनिहालों को पंजाबी सिखाने के लिए कॉलेज के एक असिस्टेंट प्रोफेसर ने अभियान शुरू किया है। इस प्रोफेसर का नाम पंडित राव धरेन नवर है। ये सेक्टर 46 के गवर्नमेंट कॉलेज में सोशियोलॉजी के प्रोफेसर हैं। ये कर्नाटक के रहने वाले हैं।
इन प्रोफेसर ने पंजाबी को प्रोमोट करने के लिए यह अभियान शुरू किया है। इस अभियान के तहत पंडित राव ने धनास कॉलोनी में एक छोटी-सी पाठशाला शुरू की है। इस पाठशाला में वे कॉलोनी के बच्चों को पंजाबी सिखाएंगे। साथ ही वे पंजाबी सिखने वाले बच्चों को 35 रुपए महीना भत्ता भी देंगे।
ऐसा करने का कारण पूछे जाने पर पंडित राव ने बताया कि कॉलेज में शिक्षण करते समय मैंने देखा कि ज्यादातर बच्चों को पंजाबी आती है, इंगलिश नहीं। इसलिए मैंने पंजाबी भाषा सीखने की सोची, ताकि स्टूडेंट्स को उनकी लैंग्वेज में पढ़ा सकूं। पंजाबी सीखकर मुझे बहुत अच्छा लगा।
पंडित राव ने बताया कि मैंने पंजाबी सीखने के बाद श्री जपजी साहिब, श्री सुखमनी साहिब और जफरनामा को पंजाबी से कन्नड़ भाषा में ट्रांसलेट किया। अब मैं बहुत अच्छे से पंजाबी सीख चुका हूं और अपनी स्थानीय भाषा भूल कर अंग्रेजी सीखती आज की पीढ़ी को पंजाबी सीखाना चाहता हूं। चंडीगढ़ में पंजाबी भाषा को प्रोमोट करने के लिए ऐसा कर रहा हूं। पंजाबी एक बहुत अच्छी भाषा है और इसे हर किसी को सीखना चाहिए।