पंजाब यूनिवर्सिटी(पीयू) प्रशासन ने एफिलिएटेड कालेजों की मांग पर बीकॉम सहित विभिन्न प्रोफेशनल अंडर ग्रेजुएट (यूजी) और पोस्ट ग्रेजुएट (पीजी) सहित विभिन्न कोर्स की सीटें बढ़ा दी हैं। फैसले से दाखिले के लिए वेटिंग लिस्ट के 500 से अधिक स्टूडेंट्स को प्रथम वर्ष में दाखिला मिल सकेगा।
यूजी स्तर पर सबसे अधिक मारामारी बीकॉम, बीबीए, बीसीए में होती है। पीयू सिंडीकेट की 16 जुलाई 2014 को हुई मीटिंग में कालेजों में प्रति संकाय 5 से 10 सीटें बढ़ाने का प्रस्ताव रखा गया था। कालेजों से सीटें बढ़ाने के लिए आवेदन आमंत्रित किए गए।
इसके बाद सोमवार को पीयू कुलपति प्रो. अरुण कुमार ग्रोवर ने सीटें बढ़ाने के प्रस्ताव पर मुहर लगा दी है। कालेजों को मंगलवार तक इस संबंध में ई-मेल से आदेश जारी कर दिए जाएंगे। 60 कालेजों ने ही अतिरिक्त सीटों की मांग की थी। अधिकारियों के अनुसार, अतिरिक्त सीटों की मांग करने वाले कालेजों को ही बढ़ी हुई सीटें मिलेंगी।
प्रत्येक विषय में 5 से 10 सीटें बढ़ेंगी
कुलपति द्वारा अतिरिक्त सीटों की मांग करने वाले कालेजों को अंडर ग्रेजुएट स्तर पर प्रति यूनिट 5 और अधिकतम 10 सीटें मंजूर की हैं। उदाहरण के तौर पर बीकॉम में 70 सीटों के एक यूनिट और बीबीए और बीसीए में 40 सीटों के यूनिट पर कम से कम 5 सीटें अतिरिक्त मिली हैं।
पोस्ट ग्रेजुएट कक्षाओं में 40 से कम सीटों पर 4 और 40 से अधिक सीटों पर अधिकतम 5 सीटें अतिरिक्त मिलेंगी। नई सीटों पर दाखिला तभी हो सकेगा जब कालेज के पास जरूरी इंफ्रास्ट्रक्चर होगा।
लेट फीस से पीयू को करोड़ों की कमाई
कुलपति द्वारा पीयू एफिलिएटेड कालेजों में अतिरिक्त सीटें बढ़ाने से पीयू प्रशासन को करोड़ों की कमाई होने की उम्मीद है। 20 अगस्त तक दाखिला लेने वाले सभी स्टूडेंट को 1890 रुपये लेटफीस के तौर पर देने होंगे। पीयू प्रशासन के लिए हर साल लेट फीस के दिनों में सीटें बढ़ाने के कारण मोटी कमाई हुई है।
अब कालेज तय करेंगे बीए की सीटों की संख्या
पीयू प्रशासन ने एफिलिएटेड कालेजों में बीए कोर्स में दाखिले के लिए सीटों के निर्धारण की जिम्मेदारी कालेजों पर छोड़ दी है। पीयू की ओर से जारी आदेशों में कोई भी कालेज इंफ्रास्ट्रक्चर के हिसाब से बीए सीटों को भर सकता है। स्टूडेंट के हिसाब से शिक्षकों का अनुपात होना जरुरी है।