पंजाब यूनिवर्सिटी प्रशासन ने आगामी सत्र से फीस में पांच फीसदी इजाफा करने का फैसला लिया है। यह फैसला मंगलवार को फीस बढ़ोतरी के लिए वाइस चांसलर की ओर से गठित की गई कमेटी में लिया है। फीस में अधिकतम पंद्रह सौ रुपये तक इजाफा किया जा सकता है।
पीयू के डीयूआई की अध्यक्षता प्रोफेसर एके भंडारी की अध्यक्षता में हुई बैठक में पीयू के सभी कोर्स, जिसमें सेल्फ फाइनेंस कोर्स भी शामिल हैं, इनकी फीस में पांच फीसदी इजाफा करने का फैसला लिया गया है। यह फैसला पीयू के सभी विभागों के साथ साथ रीजनल सेंटर में पढ़ने वाले छात्रों पर भी 2015-16 सत्र से लागू हो जाएगा।
इस फैसले पर अंतिम मुहर पंजाब यूनिवर्सिटी की सिंडिकेट और सीनेट बैठक में प्रस्ताव पारित होने के बाद ही लगेगी। पीयू के डीयूआई प्रोफेसर नवदीप गोयल ने कहा कि फीस में काफी कम इजाफा करने का फैसला लिया गया है। उन्होंने कहा कि बढ़ी फीस से करीब सात लाख रुपये जनरेट होंगे।
इस पैसे को स्टूडेंट्स के वेलफेयर में लगाया जाएगा। पंजाब यूनिवर्सिटी में मई 2014 में करीब छह साल बाद फीस में इजाफा किया था। उस समय भी इस फैसले का कड़ा विरोध किया गया था।
पीयू प्रशासन द्वारा फीस बढ़ोतरी का फैसला एकदम गलत है। मीटिंग में इसका विरोध किया है। इससे विद्यार्थियों पर खासतौर से सेल्फ फाइनेंस कोर्स करने वालों पर बोझ पड़ेगा।
दिव्यांशु बुद्धिराजा, प्रधान, पीयू स्टूडेंट काउंसिल