पंजाब स्कूल बोर्ड ने टीचर्स को स्टेट अवार्ड देने की घोषणा की है। इसके साथ ही अवार्ड राशि को भी बढ़ा दिया गया है। यह अवार्ड पुरुष व स्त्री टीचर को अलग-अलग दिया जाएगा। अवार्ड के तहत शिक्षकों को एक लाख रुपये की राशि दी जाएगी। वीरवार को सीएम प्रकाश सिंह बादल ने फेज-3बी1 स्थित सरकारी माडल सीनियर स्कूल में यह घोषणा की।
इस दौरान उन्होंने विज्ञान यात्रा स्कीम की बसों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इस मौके पर विभिन्न स्कूलों के छात्र मौजूद रहे। सीएम ने शिक्षकों से अपील की कि वह अपने हुनर के स्तर को उपर उठाने के लिए नई तकनीक का प्रयोग करें, ताकि छात्रों को बेहतर शिक्षा प्रदान की जा सके।
वहीं, सीएम ने टीचरों को दिए जाने वाले स्टेट अवार्ड की राशि 10 हजार से बढ़ाकर 25 हजार करने की घोषणा की। उन्होंने शिक्षा मंत्री डॉ. दलजीत सिंह चीमा को निर्देश दिए है कि शिक्षकों की रिटायरमेंट से पहले नए शिक्षकों की भर्ती के लिए सूची बनाई जाए, ताकि समय रहते नई भर्तियां की जा सकें।
नकल के लिए शिक्षक जिम्मेदार
सीएम बादल ने छात्रों से अपील की कि वह परीक्षा में नकल पर निर्भर न रहें। छात्रों में नकल की बढ़ती प्रवृति के लिए उन्होंने माता-पिता और शिक्षकों को जिम्मेदार ठहराया। उन्होंने कहा कि दोनों को बच्चों के शैक्षणिक विकास की जिम्मेदारी लेनी होगी। उन्होंने कहा कि मेरिटोरियस स्कूल, महाराजा रणजीत सिंह और माई भागो आर्म्ड फोर्सिस प्रियपेटरी एकेडमियों को सूबे की सरकार ने छात्रों प्रतियोगिता को भावना को बढ़ाने के लिए स्थापित किया है।
मेधावी छात्रों को मिलेगी मुफ्त शिक्षा
सीएम ने घोषणा की कि मेरिटोरियस स्कूलों से पास होने वाले छात्रों को सरकार की ओर से मुफ्त शिक्षा मुहैया करवाई जाएगी। छात्र किसी भी क्षेत्र की पढ़ाई कर सकते हैं। इनमें मेडिकल, नॉन मेडिकल, कॉमर्स और इंजीनियरिंग जैस कई विषय शामिल हैं।
28 हजार छात्र करेंगे साइंस सिटी मुफ्त दौरा
सीएम बादल ने विज्ञान यात्रा स्कीम को शुरू करने का उद्देश्य छात्रों में विज्ञान के प्रति रुचि बढ़ाना है। उन्होंने कहा कि कक्षा छह से उपर तक की कक्षाओं के 28 हजार छात्रों को पुष्पा गुजराल साइंस सिटी का मुफ्त दौरा करवाया जाएगा। उन्होंने कहा कि छात्रों में विज्ञान के प्रति रुचि बढ़ाना समय की जरूरत है। उन्होंने शिक्षा के स्तर में उत्कृष्ट कार्यों के लिए शिक्षा मंत्री चीम की प्रशंसा की।