यूटी प्रशासन पंजाब यूनिवर्सिटी और पीजीआई को विस्तार के लिए जमीन देने पर सहमत हो गया है।
मंगलवार को यूटी के प्रशासक के सलाहकार केके शर्मा की अध्यक्षता में हुई बैठक में प्रशासन ने इसे औपचारिक मंजूरी दे दी। बैठक में सारंगपुर में उपलब्ध जमीन की पहचान भी की गई।
हालांकि सारंगपुर में उतनी जमीन उपलब्ध नहीं है जितनी पीयू और पीजीआई ने मांग की है। बैठक में पीजीआई के निदेशक प्रो. योगेश चावला और पीयू के कुलपति प्रो. अरुण कुमार ग्रोवर भी मौजूद थे। जल्द ही आर्किटेक्ट विभाग के अधिकारी पीयू और पीजीआई के अधिकारियों के साथ सारंगपुर जाएंगे और साइट दिखाएंगे।
पीयू ने 180 और पीजीआई ने विस्तार के लिए लगभग 100 एकड़ जमीन मांगी थी। हाल ही में पीयू के कुलपति प्रो. अरुण कुमार ग्रोवर मास्टर प्लान के ड्राफ्ट पर आपत्तियों की सुनवाई के लिए गठित बोर्ड ऑफ इंक्वायरी के समक्ष पेश हुए थे। पीयू और पीजीआई के पास सबसे नजदीक सारंगपुर है।
यहां जमीन भी खाली है। एजुसिटी का प्रोजेक्ट फ्लॉप होने से यहां जमीन खाली बच गई है। अधिकारियों का कहना है कि पीयू और पीजीआई की मांग के अनुसार उन्हें एक साथ सारंगपुर में इतनी जमीन नहीं दी जा सकती है। प्रशासक शिवराज पाटिल पहले ही कह चुके हैं कि पीयू और पीजीआई को विस्तार के लिए जमीन दी जाएगी।
इस संबंध में चंडीगढ़ के वित्त सचिव वीके सिंह ने कहा कि पीयू और पीजीआई ने प्रशासन से जमीन मांगी है और हम अब जमीन की पहचान कर रहे हैं। पीयू के कुलपति प्रो. अरुण कुमार ग्रोवर ने कहा कि बैठक में उन्होंने पीयू की मांग को रख दिया है।
पीयू ने बनाया है वेस्ट कैंपस का प्रपोजल
पीयू ने सेक्टर-14 में मेन कैंपस और सेक्टर-25 साउथ कैंपस के बाद सारंगपुर में वेस्ट कैंपस का प्रपोजल तैयार किया है। पीयू प्रशासन भविष्य की जरूरत को ध्यान में रखते हुए विजन 2030 तैयार किया है।
आने वाले समय में पीयू नए कोर्स शुरू करेगा, जिसके लिए विद्यार्थियों को हॉस्टल की जरूरत पड़ेगी। नए कैंपस के तैयार होने से पीयू में हॉस्टल की दिक्कत काफी हद तक दूर हो जाएगी।
नए कैंपस में कई हॉस्टल तैयार किए जाएंगे। नए पीयू कैंपस के लिए तैयार प्रपोजल में बिजनेस स्कूल के अलावा मेडिकल कोर्सों से संबंधित विभाग भी शामिल हैं।
मुख्य कैंपस में विद्यार्थियों को लाने के लिए पीयू अपने स्तर पर बस सर्विस शुरू करेगा। सेक्टर-14 और सेक्टर-25 साउथ कैंपस करीब 550 एकड़ जमीन में फैसला है।