पंजाब यूनिवर्सिटी (पीयू) ने अप्रैल में होने वाली वार्षिक परीक्षाओं में ग्रेजुएशन और पोस्ट ग्रेजुएशन दोनों स्तर पर तीन लाख के करीब विद्यार्थियों को ऑनलाइन एडमिट कार्ड जारी किए हैं।
ग्रेजुएशन कर रहे विद्यार्थियों के रोल नंबर पीयू वेबसाइट पर हैं। दो अप्रैल से अंडर ग्रेजुएट की परीक्षा शुरू हो रही हैं। पीयू प्रशासन ने सभी विद्यार्थियों के रोल नंबर जारी कर दिए हैं, लेकिन बहुत से विद्यार्थियों को कॉलेज की तरफ से परीक्षा में बैठने की अनुमति नहीं दी जा रही है।
परीक्षा के लिए बेशक ई-एडमिट कार्ड पीयू जारी कर रहा है, लेकिन परीक्षा से पहले एडमिट कार्ड पर संबंधित कॉलेज प्रिंसिपल या डीन कॉलेज के हस्ताक्षर जरूरी हैं।
कई कालेज के विद्यार्थी हाथ में रोल नंबर होने पर भी परीक्षा में नहीं बैठ पाएंगे। कालेज प्रबंधन ने अटेंडेंस कम होने वाले विद्यार्थियों के एडमिट कार्ड पर हस्ताक्षर करने से इन्कार कर दिया है।
काफी विद्यार्थियों को मोटी रकम जुर्माने के तौर पर भी भरनी पड़ रही है।
रोल नंबर देने में कॉलेज प्रबंधन सख्त
पीयू नियमों के तहत किसी भी विद्यार्थी की साल भर में 75 फीसदी अटेंडेंस होनी जरूरी है, लेकिन पिछले दो साल से कॉलेज प्रबंधन इस मामले में काफी सख्त हुआ है।
सेक्टर-32 स्थित एसडी कालेज में 100 से अधिक विद्यार्थी हाजिरी कम होने के कारण अधिकारियों के चक्कर लगा रहे हैं। उधर, सेक्टर-10 स्थित डीएवी कालेज प्रिंसिपल डॉ. बीसी जोसन का कहना है कि विद्यार्थियों को नियमों के तहत ही अटेंडेंस में छूट दी जाएगी।
अटेंडेंस पूरी करने के लिए मेडिकल सर्टिफिकेट
वार्षिक परीक्षाओं को आजकल कॉलेजों में रोल नंबर लेने के लिए खूब दौड़ लग रही है। जिन विद्यार्थियों की अटेंडेंस कम है वह मेडिकल सर्टिफिकेट का सहारा ले रहे हैं।
कॉलेज प्रबंधन भी फर्जी मेडिकल को लेकर काफी सतर्कता बरत रहे हैं। गौरतलब है कि विद्यार्थियों को मेडिकल के अलावा, यूनिवर्सिटी गेम्स में हिस्सा लेने, एनएसएस और यूथ फेस्टिवल में हिस्सा लेने के लिए कुछ लेक्चर से छूट दी जाती है।
डॉ. जगवंत सिंह (रजिस्ट्रार एग्जाम एसडी कॉलेज सेक्टर-32 चंडीगढ़) ने बताया कि पीयू प्रशासन ने सभी कॉलेजों को लिखित में भेजा है कि जिन विद्यार्थियों की परीक्षा में बैठने की योग्यता नहीं बनती उन्हें पेपर देने से एग्जाम सुपरिटेंडेंट अपने स्तर पर रोक सकते हैं। कॉलेज में 100 से 150 के करीब अटेंडेंस कम के केस होंगे।