एलयू का सर्वोत्तम हिस्सा है कला एवं शिल्प महाविद्यालय, जिसका विकास किया
जाना जरूरी है।
कॉलेज के पुनर्निर्माण और दुर्दशा दूर करने के लिए
विश्वविद्यालय प्रतिबद्ध है। इसलिए कॉलेज को एक साल के भीतर हेरीटेज कॉलेज
के तौर पर विकसित किया जाएगा।
यह कहना है लविवि कुलपति प्रो. एसबी निमसे
का। वह राज्य ललित कला अकादमी की ओर से आर्ट्स कॉलेज में चल रहे 10 दिवसीय
धातु मूर्तिकला शिविर के समापन पर बतौर मुख्य अतिथि बोल रहे थे।
इस मौके पर लविवि के पूर्व कुलपति एसएम सोढ़ा ने कहा कि कला का क्षितिज
नहीं होता, इसलिए उन्होंने कलाकारों को अपनी कार्यशैली व्यावहारिक बनाने के
लिए कहा।
अकादमी अध्यक्ष लालजीत अहीर ने शिविर के बारे में बताया।
कार्यक्रम में वरिष्ठ मूर्तिकार वर्ग में बनारस के अखिलेश राय, उदयपुर के
ज्ञान सिंह व कोलकाता के अरुण कुमार चक्रवर्ती को स्मृति चिह्न व 30,000
रुपए का चेक दिया गया।
ऐसे ही युवा मूर्तिकार वर्ग में लखनऊ के उदयराज
मौर्य व संध्या यादव, भोपाल के सुभाष विश्वकर्मा, बनारस के गौरव दुबे व
आकाश सेठ को 20 हजार रुपए देकर पुरस्कृत किया गया। छात्र वर्ग में लखनऊ की
प्रियंका गुप्ता व अजीत कुमार को 10 हजार रुपये का चेक दिया।