तकनीक ने न केवल काम आसान किया है, बल्कि कॉरपोरेट गवर्नेंस को भी आसान
बनाया है।
भारत विश्व का पहला देश है जहां कंपनियों का 100 प्रतिशत
इलेक्ट्रानिक रजिस्ट्रेशन हो रहा है। तकनीक का प्रसार और इसका उपयोग बढ़ना
लगातार जारी है।
इन्कम टैक्स कमिश्नर पवन कुमार ने रविवार को राजधानी के
जयपुरिया इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट में जारी आईआईसी कान्फ्रेंस के समापन पर
यह बात कही। चौथे व अंतिम सत्र में कई प्रोफेशनल्स ने अपनी बात रखी।
इस
कान्फ्रेंस के अंतिम दिन दो सत्र आयोजित किए गए। दो दिवसीय आईआईसी सम्मेलन
का यह आठवां आयोजन था। इस दौरान कॉरपोरेट सेक्टर के जेएन गुप्ता ने
ट्रेडिंग में तकनीक के उपयोग पर अपने विचार रखे।
उन्होंने इनसाइडर
ट्रेडिंग, निगरानी और ऑडिट ट्रेलिंग में तकनीक के फायदों के बारे में
बताया। उन्होंने कहा, अच्छे कॉरपोरेट गवर्नेंस के लिए आज के समय में तकनीक
का अधिक से अधिक उपयोग जरूरी है।
दूसरी ओर इन्कम टैक्स कमिश्नर पवन कुमार
ने बताया कि देश में पंजीकृत 9 लाख कंपनियों में 90 प्रतिशत प्राइवेट
लिमिटेड हैं। ऐसे में समझा जा सकता है कि अच्छे कॉरपोरेट गवर्नेंस की आज
कितनी जरूरत है।
कार्यक्रम में तीसरे वक्ता प्रदेश योजना आयोग के उपाध्यक्ष
एनसी वाजपेयी थे।
अपने वक्तव्य में उन्होंने स्पष्ट किया कि कॉरपोरेट
गवर्नेंस केवल आंतरिक तौर पर जवाबदेही की बात करता है, जबकि सरकार को कई
जगह जवाबदेह होना पड़ता है।
ऐसे में सरकार में इसके बारे में विस्तृत तौर
पर बात होती है। उन्होंने प्रदेश में लैपटॉप वितरण योजना को तकनीक को
लोगों तक पहुंचाने का जरिया बताया और कहा कि यह भी प्रशासन में बेहतरी के
लिए काम आ सकता है।
इन योजनाओं को आज पाकिस्तान और दक्षिण अफ्रीका जैसे
देशों में अपनाया जा रहा है।