हिमाचल प्रदेश यूनिवर्सिटी के प्रबंधन विभाग में कार्यरत प्रोफेसर प्रमोद शर्मा ने 24वीं विश्व राजनीतिक विज्ञान कांग्रेस में अपना शोध पत्र कनाडा के मोन्ट्रीयल विश्वविद्यालय में 27 जुलाई को ‘गुड गर्वनेंस’ विषय पर प्रस्तुत किया।
शोधपत्र में वर्तमान वैश्विक सरकारों द्वारा शासन और प्रशासन के दृष्टिकोण को रेखांकित किया गया है। सरकारें किस तरह अपनी योजनाओं व कार्यप्रणाली को कुशल एवं कारगर बना सकती हैं। कुशल प्रशासन के मुद्दे पर भारत द्वारा अपनाई जा रहीं विविध तकनीकों एवं योजनाओं को भी इसमें उजागर किया है।
डा. शर्मा ने उल्लेख किया कि भारत में लोकतंत्र की मजबूत परंपरा एवं कानून का सहारा लेकर सूचना एवं तकनीक के साथ कुशल प्रशासन के नए मापदंड स्थापित किए जा सकते हैं। वर्तमान में भारत ‘गुड गर्वनेंस’ के दृष्टि से एशिया, मध्यपूर्व, अफ्रीका एवं अन्य कई देशों से आगे है, लेकिन विकसित राष्ट्र की पंक्ति में शामिल होने के लिए भारत को मानव संसाधन विकास व कुशल प्रशासन पर बल देना होगा।
डा. शर्मा ने दावा किया कि सम्मेलन में 80 देशों के 3000 प्रतिनिधियों ने भाग लिया। इसका आयोजन अंतरराष्ट्रीय राजनीतिक विज्ञान संस्था द्वारा किया गया। सम्मेलन में डा. प्रमोद शर्मा ने अमरीका के मेसाच्युसैटस प्रांत के गवर्नर एवं अमेरिकी राष्ट्रपति उम्मीदवार रहे माइकेल डुकासिस से भी मुलाकात की।