उत्तराखंड तकनीकी विवि 21 दिन से बिना कुलपति संचालित हो रहा है। कुलपति प्रो. डीएस चौहान ने सात अगस्त को इस्तीफा दे दिया था।
उनके जाने के बाद शासन ने अभी तक कार्यवाहक कुलपति की नियुक्ति नहीं की है। इससे विवि की परीक्षाएं और अन्य सभी काम अटक गए हैं।
छह अगस्त से प्रस्तावित बीटेक प्रथम वर्ष की विशेष बैक परीक्षा कुलपति के इस्तीफे के कारण टल गई थी। अब कुलपति न होने की वजह से नई तिथि घोषित नहीं हो पाई है।
बीटेक द्वितीय और तृतीय वर्ष की विशेष बैक परीक्षा सितंबर में होनी है, लेकिन तिथि अभी तक घोषित नहीं हुई। इस देरी की वजह से दिसंबर में होने वाली सेमेस्टर परीक्षाओं पर भी संकट मंडराने लगा है।
बीएड का बुरा हाल
यूटीयू से संबद्ध 26 बीएड कॉलेजों में दाखिला लेने वाले दो हजार से ज्यादा छात्रों का भविष्य भी कुलपति की कुर्सी खाली होने से संकट में है। इनमें से करीब 500 छात्रों के दाखिले प्रवेश परीक्षा के आधार पर हुए थे जबकि करीब 1500 छात्रों को कॉलेजों ने सीधे दाखिला दे दिया था।
इन छात्रों के एडमीशन की वैद्यता संबंधी पत्र कई बार शासन को भेजा जा चुका है लेकिन आज तक कोई जवाब नहीं आया। नतीजतन 1500 के साथ ही 500 छात्रों की परीक्षाएं भी अटकी हुई हैं।
गोपेश्वर कॉलेज भी अटका
गोपेश्वर के उत्तराखंड इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी की बिल्डिंग का काम शुरू होने के साथ ही काउंसिलिंग से करीब 225 सीटें भरी जा चुकी हैं। पिछले 21 दिनों से बजट अलॉट न होने के कारण निर्माण कार्य अटका गया है, जबकि निर्माण कार्य पूरा होने के बाद अक्टूबर से इस कॉलेज में सत्र की शुरुआत होनी थी।
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