फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

प्रो. योगेश त्यागी बने DU के नए कुलपति

Tue, 16 Feb 2016 01:09 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, नई दिल्ली
विज्ञापन
विज्ञापन
दिल्ली विश्वविद्यालय के नए कुलपति को लेकर लगाए जा रहे कयासों का दौर आखिरकार सोमवार को समाप्त हो गया। विश्वविद्यालय के विजीटर राष्ट्रपति डॉ. प्रणब मुखर्जी व मानव संसाधन विकास मंत्रालय ने प्रो. योगेश त्यागी के नाम पर मोहर लगा दी है। जिसके साथ ही प्रो. त्यागी डीयू के नए कुलपति बन गए हैं। चर्चा है कि बुधवार को वे अपना कार्यभार संभाल लेंगे।
विज्ञापन


नए वीसी बनने की रेस में उन्होंने आईआईटी दिल्ली के प्रोफेसर व यूपीएसई सदस्य प्रो. हेमचंद गुप्ता, डीयू के राजनीति विज्ञान के प्रो. विद्युत चक्रवर्ती व जेएनयू के प्रोफेसर रामेश्वर नाथ कौल बामजई से बाजी मारी है।

उत्तर प्रदेश के कासमपुर (बिजनौर) में जन्मे प्रो. त्यागी वर्तमान में दक्षिण एशियाई विश्वविद्यालय में बीते पांच सालों से लीगल स्टडीज डीन का पद संभाल रहे हैं। उनकी पढ़ाई राजस्थान व दिल्ली में हुई है।
विज्ञापन


जेएनयू से उन्होंने लीगल स्टडी में पीएचडी, जबकि कोलंबिया विश्वविद्यालय से एलएलएम किया है। गौरतलब है कि 28 अक्तूबर 2015 को पूर्व वीसी प्रो. दिनेश सिंह के सेवानिवृत्त  होने के बाद प्रो. सुधीश पचौरी कार्यवाहक वीसी के रूप में कार्यरत थे।

‘डीयू को नई ऊंचाइयों पर पहुंचाना लक्ष्य’
डीयू कुलपति बनने की सूचना मिलने पर उन्होंने अमर उजाला संवाददाता रश्मि शर्मा के साथ अपनी प्राथमिकताएं व चुनौतियों के विषय में बातचीत की।

1. डीयू के कुलपति के रूप में प्राथमिकताएं क्या रहेंगी?
   - डीयू की साख को नई ऊंचाइयों तक लेकर जाना सर्वप्रथम लक्ष्य रहेगा। डीयू काफी बड़ा विश्वविद्यालय है ऐसे में जिम्मेदारी भी काफी बड़ी है। सबके प्रयास व सहयोग से डीयू को आगे बढ़ाया जाएगा। यह कोशिश रहेगी कि शिक्षा को सामूहिक आंदोलन से आगे बढ़ाया जाए। अगले पांच वर्ष तक इन्हीं दो मुद्दों को लेकर कार्य करना ही अहम लक्ष्य है।

2. नए कुलपति के रूप में चुनौतियों को किस तरह से लेंगे?
  -मैंने कभी चुनौती को चुनौती नहीं समझा है। जीवन भर चुनौती को अवसर मानता आ रहा हूं। सब सहयोगियों के साथ विचार-विमर्श करने के बाद फैसले लेंगे।

3. बीते साल लागू किए सीबीसीएस सिस्टम के कारण खराब आ रहे रिजल्ट से छात्र नाराज हैं। इसके लिए कोई खास रणनीति तैयार की है?
  -सीबीसीएस सिस्टम पर मेरा अभी कुछ भी कहना जल्दबाजी होगी। डीयू के सिस्टम को मुझे समझना होगा। वास्तविक स्थिति के बारे में जानने का प्रयास करूंगा। जिससे कि अगर कोई समस्या है तो उसका हल तुरंत निकाल लिया जाए।

4. पुराने वीसी ने छात्र हित से जुड़े कुछ प्रोजेक्ट ज्ञानोदय एक्सप्रेस, अंतरध्वनि को शुरू किया था? क्या उन्हें आगे बढ़ाया जाएगा?
   - पहले मुझे डीयू को समझ लेने दीजिए। उसके बाद ही कुछ कह सकूंगा। बस यहीं कहूंगा कि अच्छा वातावरण बनेगा चीजें अच्छी होंगी।

5. क्या आपने कोई खास रणनीति तैयार की है?
   -जैसा कि मैं पहले ही कह चुका हूं कि मैं डीयू के हर वर्ग से सहयोग के लिए आगे हाथ बढ़ा रहा हूं। उम्मीद करता हूं कि मुझे सहयोग मिलेगा। मेरा प्रयास रहेगा है कि हर वर्ग मुझे सहयोग करे, जिससे कि छात्र हित में कार्य किया जा सके।
विज्ञापन


7. आपने जेएनयू में पढ़ाई भी की है और वहां पढ़ाया भी है। जेएनयू के माहौल के विषय में कुछ कहना चाहेंगे ?
-यह काफी संवेदनशील है। मुझे कुछ ना पूछें? जिम्मेदारी भरी बात होनी चाहिए इसलिए कुछ नहीं कहूंगा।
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें