एनसीटीई के नए नियमों के मुताबिक प्रदेश में बीएड कोर्स दो साल का हो गया है। कक्षाएं शुरू हुए दो माह बीत जाने के बाद भी विवि से संबद्ध निजी बीएड कॉलेजों ने मैनेजमेंट कोटे और अपने स्तर पर दिए प्रवेश की एचपीयू शिक्षा विभाग से वेरिफिकेशन नहीं करवाई है। विवि बिना वेरिफिकेशन ऐसे छात्रों के फार्म रिजेक्ट कर सकता है। छात्र परीक्षा से भी महरूम हो सकते हैं।
30 सितंबर तक तय अंतिम तारीख तक 75 में से 30 निजी कॉलेजों ने ही वेरिफिकेशन करवाई है। 44 कॉलेजों में मैनेजमेंट और अन्य आधार पर कितने छात्रों को प्रवेश दिया है, इसका विवि के पास रिकॉर्ड नहीं है। निजी बीएड कॉलेजों में करीब आठ हजार सीटें हैं। इनमें तय न्यूनतम पात्रता शर्तें पूरा करने वालों को ही प्रवेश दिया है या नहीं, इसकी विवि को जानकारी नहीं है।
कोर्स दो साल का होने पर विवि बीएड के ऑनलाइन फार्म में भी बदलाव करेगा। इसके लिए छात्रों की सही जानकारी जरूरी है। बीएड के दो वर्षीय कोर्स के लिए नवंबर में परीक्षा फार्म भरे जाएंगे। दिसंबर में परीक्षाएं शुरू होंगी। सरकार ने निजी बीएड कॉलेजों में हजारों सीटें खाली रहने पर प्रवेश परीक्षा में अपीयर होने वाले हर छात्र को प्रवेश देने की छूट दी थी।