देहरादून में डीएवी, डीबीएस और डीडब्लूटी को मिलाकर रूसा के तहत विवि बनाने के मामले में आंदोलनरत कॉलेज बचाओ संघर्ष समिति के धरने में प्राचार्य भी नजर आए।
शिक्षा के व्यावसायीकरण के खिलाफ
दरअसल, कॉलेज प्राचार्य डॉ. देवेंद्र भसीन धरनास्थल के पास से गुजरे तो छात्रनेताओं ने उन्हें अपने साथ ही बिठा लिया था।
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प्राचार्य ने कहा कि वह भी शिक्षा के व्यावसायीकरण के खिलाफ हैं, लेकिन रूसा के तहत ऐसा कुछ नहीं हो रहा है। इस दौरान छात्रों ने प्रबंधन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।
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छात्रसंघ अध्यक्ष सिद्धार्थ राणा ने कहा कि यह कदम डीएवी प्रबंधन की साजिश है। एसएफआई जिला उपाध्यक्ष विपिन जोशी ने इसे निजीकरण को बढ़ावा करार दिया।
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पूर्व छात्रसंघ अध्यक्ष आशीष रावत ने कहा कि छात्रों के हितों का ध्यान रखना है तो कॉलेज को पूर्णत: सरकारी घोषित किया जाए। एनएसयूआई जिलाध्यक्ष विनीत प्रसाद भट्ट ने सभी छात्रों से आंदोलन में जुड़ने की अपील की।
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इस दौरान पट्टू ग्रुप के नेता जितेंद्र कुमार रिंकू, आलोक नेगी, सतीश पंत, महेंद्र पाल माही, अंशुल चावला, प्रभाकर, राकेश नेगी, विकास भट्ट आदि मौजूद रहे।
बीस वाहनों का चालान
कॉलेज के बाहर सड़क पर लगने वाले जाम से निजात दिलाने के लिए कालेज प्रशासन और पुलिस ने गुरुवार को अभियान चलाया। कॉलेज प्राक्टर डॉ. कौशल कुमार की मौजूदगी में पुलिस ने दौरान सड़क पर खड़े बीस दोपहिया वाहनों का चालान कर दिया।