पॉलीटेक्निक की वार्षिक परीक्षा के दौरान बुधवार को स्टूडेंट्स के सामने बुधवार को अजीब सी स्थिति खड़ी हो गई।
स्टूडेंट्स सिविल विषय की परीक्षा देने आए थे लेकिन प्रश्नपत्र में आधे से ज्यादा सवाल मैकेनिकल विषय के थे।
स्टूडेंट्स की शिकायत पर टीचर्स ने प्रश्नपत्र देखा तो उनको भी गड़बड़ी समझ में आई। तुरंत इस बात की सूचना प्राविधिक परीक्षा परीक्षा परिषद को दी सूचना गई।
स्टूडेंट्स की शिकायत सही पाने पर सभी प्रश्नपत्र और कॉपियां जमा करवाकर पेपर कैंसिल कर दिया गया। परीक्षा की अगली तिथि बाद में घोषित की जाएगी।
21 तक चलनी है परीक्षाएं
प्रदेश के राजकीय और निजी पॉलीटेक्निक संस्थानों में पढ़ाई कर रहे स्टूडेंट्स की वार्षिक परीक्षाएं दो जून से शुरू हुई हैं। परीक्षाएं 21 जून तक चलनी हैं।
बुधवार को पॉलीटेक्निक डिप्लोमा द्वितीय वर्ष के स्टूडेंट्स की सिविल विषय की परीक्षा दूसरी पाली में आयोजित होनी थी।
स्टूडेंट्स को जब पेपर दिया गया तो उसका पहला पेज ठीक-ठाक था, लेकिन दूसरे पेज का एक भी सवाल सिविल से संबंधित नहीं था।
स्टूडेंट्स ने इस बात की शिकायत ड्यूटी पर तैनात शिक्षकों से की। शिक्षकों ने देखा तो दूसरे पेज पर लिखे सवाल मैकेनिकल और प्लास्टिक मोल्ड ट्रेड के थे।
और स्थगित हो गया एग्जाम
इस बात की सूचना तुरंत प्राविधिक परीक्षा परिषद सचिव आरके वर्मा को दी गई। प्राविधिक परीक्षा परिषद सचिव ने स्टूडेंट्स की शिकायत की पड़ताल की तो मामला सही पाया। इसके बाद पेपर कैंसल करने का आदेश जारी किया गया।
सभी केंद्राध्यक्षों को निर्देश जारी किया गया कि सभी स्टूडेंट्स से प्रश्नपत्र और उत्तर पुस्तिका दोनों जमा करवा लिए जाएं। आरके वर्मा ने बताया कि बुधवार को आयोजित पॉलीटेक्निक परीक्षा में गलती से मैकेनिकल विषय का एक पेज सिविल के पेपर में जुड़ गया है।
इसलिए सिविल सेकंड ईयर का पेपर निरस्त करना पड़ा। इस बात की जांच की जा रही है कि कहीं ऐसा तो नहीं है कि मैकेनिकल के प्रश्नपत्र में सिविल का पेज चला गया हो। प्रश्नपत्र की जांच किसने की थी इसकी जांच करवाई जा रही है। जांच रिपोर्ट के आधार पर कार्रवाई की जाएगी।
कैसे हो गई प्रश्नपत्र की जांच
प्रश्नपत्र छपने से पहले बाकायदा एक समिति प्रश्नपत्रों की जांच करती है। समिति में विषय विशेषज्ञों की नियुक्ति होती है।
प्राविधिक परीक्षा परिषद सचिव आरके वर्मा के अनुसार शुरुआती जांच से एक बात निकलकर आई है कि जो पेपर छपने के लिए भेजा गया था ठीक वही पेपर छपकर आया है।
पेपर आने के बाद उसकी जांच नहीं की जाती इसलिए गड़बड़ी पता नहीं चली। बहरहाल इस बात की जांच की जा रही है कि विषय विशेषज्ञों की टीम ने पेपर किस प्रकार जांचा जो गड़बड़ी पकड़ में नहीं आई।
22 जून को हो सकता दोबारा पेपर
पॉलीटेक्निक की परीक्षाएं 21 जून तक होनी हैं। ऐेसे में उम्मीद जताई जा रही है कि स्थगित पेपर की परीक्षा 22 जून को ही आयोजित कराई जाए।
प्राविधिक परीक्षा परिषद के अधिकारियों के अनुसार पॉलीटेक्निक डिप्लोमा सेकंड ईयर सिविल के पेपर के लिए करीब 20 हजार स्टूडेंट्स पंजीकृत हैं ऐसे में उम्मीद है कि तब तक पेपर सेट करवाकर प्रिंटिंग करवा ली जाएगी।
बहरहाल पेपर की फाइनल तिथि बाद में घोषित की जाएगी।