लखनऊ विश्वविद्यालय में पीएचडी के ऐसे 25 कोर्सेज में प्रवेश परीक्षा के पहले अभ्यर्थियों के डॉक्यूमेंट्स का वेरिफिकेशन किया जाएगा।
ये वे कोर्सेज हैं जिसमें सीटों की संख्या के मुकाबले आवेदन ज्यादा नहीं आए हैं। यह फैसला लविवि के प्रवेश समन्वयक प्रो. एनके खरे ने किया है।
उन्होंने कहा कि हमें उम्मीद है कि जिन कोर्सेज में फॉर्म की संख्या और सीटों में बहुत अंतर नहीं है, उनमें से कई में वेरिफिकेशन के बाद प्रवेश परीक्षा की नौबत नहीं आएगी।
अगर वेरिफिकेशन के बाद सीटों की संख्या के बराबर या उससे कम आवेदन करने वाले हैं तो उन्हें मेरिट पर एडमिशन दे दिया जाएगा।
वेरिफिकेशन का काम 30 सितंबर से चार अक्तूबर तक होगा। 449 सीटों के मुकाबले 695 जेआरएफ अभ्यर्थियों ने आवेदन किया है।
ऐसे में वेरिफिकेशन में यह तय हो जाएगा कि कितने अभ्यर्थी दाखिला लेने के इच्छुक हैं।
अगर अभ्यर्थी दाखिला नहीं लेते हैं और सीटें खाली रह जाती हैं तो इसे दूसरे चरण में नेट, एमफिल व पीजी पास अभ्यर्थियों से भरा जाएगा।
वेरिफिकेशन के बाद अभ्यर्थियों को तीन दिन में एडमिशन लेना होगा। इसके अलावा 21 ऐसे कोर्स हैं जिसमें सीटों के मुकाबले आवेदन करने वालों की संख्या कम हैं, वहां अभ्यर्थी को मेरिट के आधार पर प्रवेश मिल जाएगा।
इन विभागों में मिलेगा एडमिशन
एंथ्रोपोलॉजी, अरब कल्चर, अरेबिक, सैन्य अध्ययन, अंग्रेजी, फिलॉसफी, फिजिकल एजुकेशन, साइकोलॉजी, पब्लिक एडमिनिस्ट्रेशन, अरबन डवलपमेंट, संस्कृत, पीईआरडी, वेस्टर्न हिस्ट्री, वीमेंस स्टडीज, एप्लाइड इकोनॉमिक्स, कॉमर्स, फाइन आर्ट्स, लॉ, बॉयोकेमिस्ट्री, एन्वायर्नमेंट साइंस, केमिस्ट्री, मैथ्स, फिजिक्स, सांख्यिकी और जूलॉजी।