पंजाब स्कूल शिक्षा बोर्ड का फरमान हजारों विद्यार्थियों के लिए मुसीबत बन गया है। बोर्ड ने री-अपियर और अन्य वर्गों के आवेदन में मैनुअल के साथ ऑनलाइन भरने की शर्त लगा दी है। जिससे विद्यार्थियों का पैसा और वक्त बर्बाद हो रहे हैं। राज्य भर के दसवीं और बारहवीं के हजारों विद्यार्थियों की इस बार कंपार्टमेंट आई थी। जो अब री-अपियर के फॉर्म भर रहे हैं।
इसी तरह बड़ी संख्या में विद्यार्थी इंप्रूवमेंट के लिए फॉर्म भर रहे हैं। इसके अलावा एडिशनल सब्जेक्ट की परीक्षा देने के लिए भी बहुत से विद्यार्थी हर साल फॉर्म भरते हैं। ओपन स्कूल के सेमेस्टर सिस्टम के विद्यार्थी भी री-अपियर के फॉर्म भर रहे हैं। इनकी आखिरी तारीख लेट फीस के साथ बारह दिसंबर-14 है। अब तक ये फॉर्म बोर्ड की वेबसाइट पर उपलब्ध होते थे। विद्यार्थी वहां से डाउनलोड कर, या फोटोकॉपी करवा कर भरते थे।
फोटो अटेस्ट कराने के बाद फीस समेत बोर्ड मुख्यालय या जिला डिपुओं में फॉर्म जमा किए जाते थे। इस बार शिक्षा बोर्ड ने शर्त रखी है कि पहले विद्यार्थियों को ऑनलाइन आवेदन भरना होगा। फिर पहले वाली सारी प्रक्रिया भी पूरी करनी होगी। अब विद्यार्थियों को पहले साइबर कैफे में फॉर्म भर कर प्रिंट आउट लेना पड़ रहा है। जिसके लिए अतिरिक्त खर्च करना पड़ रहा है।
ग्रामीण इलाकों में कई जगह साइबर कैफे की सुविधा नहीं है। वहां के विद्यार्थियों को और ज्यादा परेशानी हो रही है। उनका कहना है कि बोर्ड अपने मुख्यालय और जिला डिपुओं में ऑनलाइन आवेदन की व्यवस्था कर सकता था। वहां बोर्ड का स्टाफ कम से कम फॉर्म भरवाने में मदद तो करता। खुद फॉर्म भरने में विद्यार्थियों को काफी समस्या आ रही है।
ऑनलाइन आवेदन विद्यार्थियों के हित में है। अब तक किसी बोर्ड ने ऐसा नहीं किया है। इससे फॉर्मों में आने वाली गलतियां खत्म हो रही हैं। हेराफेरी भी नहीं हो सकती, क्योंकि डेडलाइन तय है। ये फॉर्म स्कूलों के पोर्टल से भराने के सुझाव पर विचार किया जा रहा है। फोटो और फीस का सिस्टम भी ऑनलाइन करने की योजना है, लेकिन उसमें समय लगेगा।
- जीएस बाठ, सचिव, पंजाब स्कूल शिक्षा बोर्ड