फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

नर्सरी दाखिला: अविवाहित अभिभावकों को भी दाखिले के मिलेंगे प्वाइंट

Thu, 24 Dec 2015 02:42 AM IST
ब्यूरो/ अमर उजाला, नई दिल्ली
विज्ञापन
विज्ञापन
राजधानी के निजी स्कूलों में नर्सरी के दाखिले में अभिभावकों का अविवाहित होना बाधा नहीं बनेगा। हर वर्ष नर्सरी दाखिले में एकल अभिभावक के रूप में तलाकशुदा, विधवा माता-पिता को तो अंकों का लाभ मिलता आ रहा है लेकिन इस बार कुछ स्कूलों ने अविवाहित अभिभावकों को भी शामिल किया है। स्कूलों ने अपने मानकों में ऐसे अभिभावकों केलिए दस अंकों तक का प्रावधान किया है।
विज्ञापन


बाहरी दिल्ली (बख्तावरपुर) स्थित छोटू राम पब्लिक स्कूल ने अपने सौ अंकों के दाखिला फॉर्मूले में एक श्रेणी एकल अभिभावकों में अविवाहित अभिभावकों को भी शामिल किया है। इसके लिए स्कूल ने दस अंक तय किए हैं। वहीं खेड़ा खुर्द स्थित राइजिंग एरा कॉन्वेंट स्कूल भी एकल अभिभावक की श्रेणी में अविवाहित अभिभावक को दस अंक दे रहा है। शिवपुरी स्थित जेआर पब्लिक स्कूल, नसीरपुर स्थित जेबीएम स्कूल पांच-पांच अंक ऐसे अभिभावकों को प्रदान कर रहा है।

यदि अभिभावक शराब व धूम्रपान का सेवन नहीं करते व शाकाहारी हैं तो यह उनके बच्चे के नर्सरी में दाखिले केदरवाजे खोल सकता है। दरअसल, कुछ स्कूलों ने इन मानकों को अपने सौ अंकों केफॉर्मूले में शामिल किया है। जिसकेलिए पांच-पांच अंक तक अभिभावकों को मिल रहे हैं।
विज्ञापन


जीटी करनाल रोड स्थित महावीर सीनियर सेकेंडरी स्कूल, व दरियागंज स्थित वर्धमान शिक्षा मंदिर स्कूल में इन मानकों के लिए अंक दिए जा रहे हैं। जीटी करनाल रोड स्थित जैन भारती मृगवती स्कूल में भी शाकाहारी अभिभावकों के बच्चों को दाखिले में दस अंक मिल रहे हैं।

वहीं, मुंडका स्थित एमआर भारती मॉडल सीनियर सेकेंडरी स्कूल में धूम्रपान का सेवन न करने वालों को पांच अंक व शाकाहारी अभिभावकों के लिए पांच अंक दिए जा रहे हैं।

महावीर सीनियर मॉडल स्कूल केअध्यक्ष एस.एल जैन ने बताया कि उनके सौ अंकों के फॉर्मूले में पांच-पांच अंक, धूम्रपान व शराब का सेवन नहीं करने वाले व पांच अंक शाकाहारी अभिभावकों के लिए दिए जा रहे हैं। इसके लिए स्कूल अभिभावकों से लिखित में स्वीकृति भी लेगा।

एडमिशन नर्सरी डॉट कॉम प्रमुख सुमित वोहरा ने स्कूलों की ओर से अपने मानकों में अविवाहित अभिभावकों को भी शामिल करना अच्छी पहल है। स्कूल बच्चे की पारिवारिक पृष्ठभूमि देखते हैं। कई बार अविवाहित अभिभावक होने के कारण दाखिला मुश्किल हो जाता रहा है। ऐसे में बच्चे भी हीन भावना के शिकार हो जाते हैं। यदि स्कूल इस पहल को आगे बढ़ाए तो बच्चों के लिए यह मानक फायदेमंद हो सकता है।
विज्ञापन

और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें