राजधानी में शुक्रवार से नर्सरी-एंट्री लेवल दाखिले की दौड़ शुरू हो रही है। सरकार ने आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (ईडब्ल्यूएस) और वंचित समूह का दाखिला ऑनलाइन करने का फैसला किया है। शिक्षा विभाग की वेबसाइट पर आवेदक को एक बार रजिस्ट्रेशन करना होगा, जिसके बाद वह एक साथ कई स्कूलों का विकल्प भर सकेगा। इसमें अल्पसंख्यक और अनिवार्य शिक्षा कानून के तहत प्रोविजनल सर्टिफिकेट वाले स्कूल शामिल नहीं हैं। इनमें मैन्युअल फॉर्म ही भरे जाएंगे।
उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने संवाददाताओं से बातचीत में बताया कि पहली बार ईडब्ल्यूएस और डिसएडवॉन्टेज ग्रुप की दाखिला प्रक्रिया ऑनलाइन की गई है। सेंट्रलाइज्ड तरीके से दाखिले होंगे। विभाग ने जो सॉफ्टवेयर बनाया है, उसमें आय प्रमाण पत्र व गरीबी के प्रमाण पत्र के साथ 1 से 22 जनवरी के बीच आवेदन करना होगा। वेबसाइट पर शिक्षा का अधिकार कानून समेत सभी सूचनाएं दी गई हैं।
सिसोदिया ने बताया कि कोई व्यक्ति जो अपने बच्चों का दाखिला चाहता है, एक बार ऑनलाइन सूचना डालकर वेबसाइट पर रजिस्टर हो सकता है। भविष्य में बदल भी सकता है। बार-बार रजिस्ट्रेशन की जरूरत नहीं होगी। लोगों की मदद के लिए एनजीओ की ट्रेनिंग कराई जाएगी। सरकार जागरूकता के लिए प्रचार भी करेगी। एमएलए भी मदद करेंगे, जिससे कोई गड़बड़ी नहीं हो।
शिक्षा मंत्री ने बताया कि सामान्य वर्ग के साथ-साथ ईडब्ल्यूएस के फॉर्म भी 22 जनवरी तक भरे जाएंगे। ऑनलाइन भरे जाने वाले फॉर्म की पहली सूची 15 फरवरी व दूसरी 29 फरवरी को कंप्यूटराइज्ड ड्रॉ से निकाली जाएगी। कुल 27 हजार सीटें हैं। इससे अलग-अलग स्कूलों का चक्कर लगाना बंद होगा। एक ही विंडो पर जाकर सभी स्कूलों का विकल्प भर सकेंगे।