प्राइमरी क्लास के बच्चों के बढ़ते बैग का बोझ कम करवाने के लिए वीरवार को सिविल जज सीनियर डिवीजन के के जैन की अदालत में वकील अरविंद ठाकुर ने याचिका दायर की।
याचिका में ठाकुर ने कहा कि प्राइमरी कक्षा के बच्चों के भारी बैग उनके स्वास्थ्य के लिए हानिकारक हो सकता है।
याचिका पर सुनवाई करते हुए अदालत ने प्रशासन के एजुकेशन सेक्रेटरी वीके सिंह, डीपीआई स्कूल कमलेश कुमार, डीईओ राम कुमार और सीबीएसई के रीजनल डायरेक्टर को 10 दिसंबर के लिए नोटिस जारी किया है।
नोटिस में अदालत ने पूछा है कि 2005 में एनसीईआरटी और सीबीएसई की ओर जारी किए गए दिशा निर्देशों का पालन क्यों नहीं किया जा रहा है।
वकील अरविंद ठाकुर ने याचिका में कहा कि एक प्राइमरी कक्षा का छात्र 12 से 15 किलो वजन का बैग उठा रहा है। इसपर पीजीआई के एडवांस पीडियाट्रिक सेंटर की ओर से की गई एक स्टडी रिपोर्ट भी लगाई गई है।
रिपोर्ट में छोटी उम्र में ही बच्चों के स्कूल जाते वक्त भारी वजन के बैग उठाने के चलते में सर्वाइकल, स्पोंडिलाइटस और माइग्रेन जैसी बीमारियां होने की जानकारी दी है।
12 दिसम्बर 2010 नेशनल कमीशन फॉर प्रोटेक्शन ऑफ चाइल्ड राइट की ओर से किए एक आदेश में आयोग ने यह निर्देश दिल्ली के शिक्षा विभाग को दिए थे।
जिसमें स्कूली बैग का वजन कम करने को कहा था। आयोग ने सख्ती से कहा था कि अगर स्कूल बैग का वजन कम नहीं करेंगे तो उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।