दिल्ली के सरकारी स्कूलों में नौवीं और बारहवीं में फेल होने वालों छात्रों को अब स्कूल से नहीं निकाला जाएगा। ऐसे छात्रों को एक साल फेल होने पर उसी स्कूूल में दाखिला मिलेगा जबकि दूसरे साल फेल होने पर उन्हें पत्राचार विद्यालय में भेजने की सिफारिश की जाएगी।
अप्रैल से शुरू हुए नए सत्र से यह नियम लागू कर दिया गया है। इस संबंध में शिक्षा निदेशालय ने स्कूल प्रमुखों को अवगत करा दिया है। निदेशालय की अतिरिक्त शिक्षा निदेशक (स्कूल) डॉक्टर सुनीता कौशिक ने इस बाबत एक सर्कुलर जारी किया है।
सर्कुलर में कहा गया है कि शैक्षणिक सत्र 2014-15 से नौवीं और बारहवीं में एक साल फेल होने पर छात्र को उसी स्कूल में दाखिला देना होगा। यदि बच्चा दूसरी बार फेल होता है तो उसे पत्राचार विद्यालय में भेजने की सिफारिश की जाएगी।
अब तक छात्र के फेल होने पर स्कूल रिजल्ट खराब होने के डर से बच्चे को दाखिला नहीं देते हैं। ऐसे में उसे किसी दूसरे स्कूल में एडमिशन नहीं मिल पाता है। इस नियम के जरिए निदेशालय छात्रों को पढ़ने का मौका देना चाहता है। जिससे कि वह उसी स्कूल में पढ़ाई जारी रखे। गौरतलब है कि अब तक छात्र के फेल होने पर उसे स्कूल से निकाल दिया जाता था।