चंडीगढ़ के 14 स्कूल लंबे समय से बिना प्रिंसिपल/हेडमास्टर के चल रहे हैं। कुछ में तो कई सालों से प्रिंसिपल के पद रिक्त हैं। सब कुछ जानते हुए भी शिक्षा विभाग इन स्कूलों की तरफ ध्यान नहीं दे रहा है। हजारों बच्चों के भविष्य को दाव पर लगाया जा रहा है।
पहले ही सरकारी स्कूलों की कार्यप्रणाली पर सवाल उठते रहे हैं। परिणाम भी उम्मीद मुताबिक नहीं आते। गवर्नमेंट मॉडल सीनियर सेकेंडरी स्कूल-35, जीएमएसएसएस मनीमाजरा हाउसिंग कांप्लेक्स, जीएमएचएस-45, जीएचएस-52, 53 और 54 में पिछले 1 साल से प्रिंसिपल/हेडमास्टर के पद खाली हैं। इसके अलावा भी कई स्कूल ऐसे हैं जिनमें प्रिंसिपल नहीं हैं।
यूटी कैडर एजूकेशनल इंप्लाइज यूनियन के प्रधान स्वर्ण सिंह कंबोज ने बताया कि स्कूलों में मुखिया के नहीं होने से बच्चों के भविष्य से तो खिलवाड़ हो ही रहा है, साथ में वरिष्ठ शिक्षकों का हक भी मारा जा रहा है। विभाग पदोन्नत होने वाले शिक्षकों को इन पदों पर नहीं लगा रहा। जबकि नियमानुसार ऐसा पहले भी होता रहा है।
कंबोज ने कहा कि वह इन स्कूलों की प्रबंधन कमेटी के सदस्यों से मिलकर स्कूलों पर ताला जड़ेंगे। इससे पहले सोमवार को शिक्षा सचिव सर्वजीत सिंह से मिलकर पूरा वाकया बताया जाएगा।