डीजल के दाम बढ़ने पर अब लोगों को परेशान नहीं होना पड़ेगा। क्वेस्ट ग्रुप के विद्यार्थियों ने एक ऐसी तकनीत तैयार की है।
जिसमें रसोई में प्रयोग होने वाले तेल भी डीजल के रूप में वाहनों में प्रयोग किया जा सकेगा। विद्यार्थियों ने कुकिंग तेल को बायो डीजल बनाने की तकनीक खोजी है।
इस विधि से बायो-डीजल से चलने वाले वाहन एवं मशीनें डीजल से भी सस्ते पड़ते हैं।
संस्थान के मेेकेनिकल इंजीनियरिंग विभाग के सात विद्यार्थियों ने इंचार्ज इंजीनियर गुरिंदर सिंह की देखरेख में फार्मूला तैयार किया है। इन्होंने बायो-डीजल से सिंगल सिलेंडर फोर स्ट्रोक इंजन पर भी इसका प्रयोग किया।
तकनीक से विद्यार्थियों ने तीन टाइप का बायो डीजल तैयार किया है। इसमें बी-10, बी-20 तथा बी-30 नामक शमिल है। इसके साथ ही इसके ट्रायल भी किए हैं।
इस मौके पर बताया गया कि कृषि में उपयोग की जाने वाली हर तरह की मशीनरी बायो-डीजल से चल सकती है। जेनरेटरों के माध्यम से इससे बिजली भी पैदा की जा सकती है।
उद्योग जगत की मशीनों में बायो-डीजल के उपयोग से मशीनों एवं बायलरों में भी बायो-डीजल, डीजल से कहीं सस्ता व ज्यादा असरदार सिद्ध हो सकता है।
विद्यार्थियों की टीम में गुरप्रताप सिंह, गुरजीत सिंह, मनप्रीत सिंह, ललित कुमार, मनजीत सागरा, सूरज व रजत कुमार शामिल थे। ग्रुप के चेयरमैन डीएस सेखों ने विद्यार्थियों को उनकी इस उपलब्धि के लिए बधाई दी।